उत्तरकाशी। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की ओर से बुधवार को 54वां स्थापना दिवस मनाया गया, जिसमें 255वें बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स के दीक्षांत समारोह का आयोजन कर देश विदेश के 117 प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र दिए गए। इस अवसर पर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने निम की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही आने वाले दिन में कई नए कीर्तिमान स्थापित करने का भरोसा दिया।
14 नवंबर 1965 में उत्तरकाशी के ज्ञानसू क्षेत्र में निम की स्थापना की गई थी, जिसके कुछ वर्षों बाद कोटियाल गांव क्षेत्र में निम के वर्तमान कैंपस का निर्माण कर संस्थान को विस्तार दिया गया। बुधवार को संस्थान का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 255वें बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स से पास आउट हुए देश विदेश के 117 प्रशिक्षुओं का बैज अलंकरण कर प्रमाणपत्र दिए गए। इस अवसर पर निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने कहा कि संस्थान में अभी तक देश विदेश के कुल 28 हजार 500 पर्वतारोही तैयार किए हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक प्रताप सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षुओं को मोटिवेशनल लेक्चर देकर उनकी हौसलाफजाई की। समारोह के दौरान निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन, मुख्य प्रशिक्षक जगमोहन रावत, दशरथ रावत, खुशहाल राणा आदि मौजूद रहे।
कोट..
अगले वर्ष निम की गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में एक माह के भीतर दस अनाम चोटियों पर आरोहण कर रिकार्ड बनाने की योजना है। स्पोर्ट्स क्लाइबिंग के लिए यहां विश्व स्तरीय ढांचा तैयार कर 2020 ओलंपिक में जाने वाली नेशनल टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। निम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बन रहा हाईटेक म्यूजियम का निर्माण अंतिम चरण में है। इसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
कर्नल अमित बिष्ट, प्रधानाचार्य नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी।