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ओजरी डबरकोट स्लिप जोन के लिए नहीं बनी योजना

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बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम की यात्रा पर ब्रेक लगाने वाले ओजरी डबरकोट स्लिप जोन को लेकर अभी तक कोई योजना तैयार नहीं हो पायी है। जुलाई की आपदा में तबाह यमुनोत्री धाम में पुनर्निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं और अब सर्दियों में यहां काम करने लायक स्थिति नहीं है।
मई-जून की बारिश में ही यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट स्लिप जोन वाले हिस्से में कई बार अवरुद्ध हुआ। इस दौरान तीर्थयात्रियों को तिर्खली कुंसाला होते हुए चार किमी की अतिरिक्त जोखिमभरी पैदल आवाजाही करनी पड़ी। रही सही कसर 16-17 जुलाई को यमुना नदी के उफान से यमुनोत्री धाम में मची तबाही ने पूरी कर दी। यही कारण रहा कि धाम की यात्रा प्रभावित हुई और इस यात्रा सीजन में कुल तीन लाख 94 हजार 300 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे, जबकि वर्ष 2011 में यहां सर्वाधिक चार लाख 67 हजार 502 तीर्थयात्री पहुंचे थे।
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तो नहीं कराएंगे यात्रियों को दर्शन एवं पूजा-अर्चना
यमुनोत्री धाम की उपेक्षा और अभी तक यहां पुनर्निर्माण कार्य नहीं होने से गुस्साए तीर्थ पुरोहितों ने अगले यात्रा सीजन से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होने पर तीर्थयात्रियों को यमुनोत्री मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना नहीं कराने का निर्णय लिया है। मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल, तीर्थ पुरोहित रमण प्रसाद उनियाल, सुभाष, मनमोहन, खिलानंद, प्यारेलाल उनियाल, पवन प्रकाश, नारायण प्रसाद, जयप्रकाश उनियाल आदि ने कहा कि मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों की भीड़ के बीच दर्शन और पूजा-अर्चना कराना सुरक्षित नहीं है।

पुनर्निर्माण के लिए शासन से स्वीकृति का इंतजार
सिंचाई विभाग के एई पीएस रावत ने बताया कि यमुनोत्री में आपदा से तबाह घाट और सुरक्षा कार्यों के लिए 1.53 करोड़ रुपये का आगणन शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। लोनिवि के इंजीनियर रविंद्र चौहान ने बताया कि मंदिर को जोड़ने वाले पुल निर्माण के लिए 93 लाख का आगणन जुलाई में ही शासन केे भेज दिया था। स्वीकृति मिलने पर ही कार्य शुरू हो पाएगा।
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कोट..........
धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए सिंचाई विभाग के पास बजट आ गया है, जिसके तहत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू भी कर दिए जाएंगे। प्रशासन अगले यात्रा सीजन से पूर्व सभी जीर्णोद्धार कार्य पूरे कराने के प्रयास कर रहा है।
अनुराग आर्य, एसडीएम बड़कोट।
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