उत्तरकाशी। हाईकोर्ट द्वारा तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने पर लगाए गए प्रतिबंध के करीब एक सप्ताह बाद भी नगर पालिका कोई विकल्प तलाश नहीं पाया है। पालिका द्वारा बड़कोट व ऋषिकेश के ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डंप करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इस कार्य पर होने वाले खर्च को देखते हुए कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। इससे जिला मुख्यालय व आसपास के इलाकों का सारा कूड़ा रामलीला मैदान में उड़ेला जा रहा है।
विगत एक नवंबर को हाईकोर्ट ने तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने पर रोक लगाते हुए जिलाधिकारी को 15 दिन के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद पालिका प्रशासन ने जिओ ग्रिड वॉल के पीछे कूड़ा डंप करने की योजना बनाई थी। व्यापारियों के विरोध के चलते पालिका को पीछे हटना पड़ा, जबकि कंसेण गांव के निकट ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की योजना भी ग्रामीणों के विरोध के चलते ठप पड़ गई है। इस बीच पालिका अधिकारियों द्वारा कूड़े को बड़कोट या ऋषिकेश के ट्रंचिंग ग्राउंड में भेजने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन कूड़े के ट्रक को रोजाना 80 किमी दूर बड़कोट या 170 किमी दूर ऋषिकेश भेजने पर होने वाले खर्च को देखते हुए अधिकारी असमंजस की स्थिति में हैं। वर्तमान में जिला मुख्यालय व आसपास के इलाकों का सारा कूड़ा रामलीला मैदान में जमा किया जा रहा है, जिससे नगर का यह मुख्य केंद्र आवारा पशुओं व कीड़े मकोड़ों का अड्डा बन गया है।
तेखला गदेरे में कूड़ा डालने पर जताया रोष
हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद तेखला गदेरे में चोरी छिपे कूड़ा डंप किया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष है। डीएम को दिए ज्ञापन में लोगों ने बताया कि विगत बृहस्पतिवार शाम को आईटीबीपी के जवान तेखला क्षेत्र में एक ट्रक कूड़ा डंप करने पहुंचे थे, जिसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत की। लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। जिससे पूरे क्षेत्र में सरकारी तंत्र व आईटीबीपी के खिलाफ रोष पनपने लगा है। उन्होंने डीएम से आईटीबीपी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन देने वालो में सुरेंद्र पुरी, सुशील सेमवाल, अनिल चौहान, खुशपाल चौहान, दलबीर सिंह आदि शामिल थे।
कोट:
कूड़े को बड़कोट व ऋषिकेश के ट्रंचिंग ग्राउंड में भेजने की योजना बनाई जा रही है। कूड़ा निस्तारण की समस्या से निपटने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। जल्द ही कोई ठोस कदम उठाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
सुशील कुरील, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बाड़ाहाट।