फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला प्रशासन के अमानवीय रवैये से नहीं मिली पीड़ित परिवार को शुरूआती मदद: डा. स्वराज विद्वान

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
उत्तरकाशी। जिला भ्रमण पर पहुंची राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डा. स्वराज विद्वान डुंडा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलीं। उन्होंने मामले में जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से घटना के डेढ़ माह बाद भी पीड़ित परिवार को अहेतुक सहायता नहीं दी गई है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को नया आवास समेत बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए और एक सप्ताह में मुआवजा दिलाने का भरोसा भी दिया।
18 अगस्त को डुंडा ब्लॉक के एक गांव में अनुसूचित जाति की नाबालिग बालिका की रेप के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा देने को लेकर कई घोषणाएं की गईं, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही और आरोपी के भी अनुसूचित जाति का होने के कारण परिवार को कोई सहायता नहीं मिली। इस मामले को लेकर मंगलवार को डा. स्वराज विद्वान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि घटना के बाद से परिवार की मानसिक व आर्थिक हालत बद से बदतर हो गई है। घर में डेढ़ माह से बिजली, राशन आदि की कोई सुविधा नहीं है, जिससे जिला प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट जाहिर होती है। जिला स्तरीय अधिकारी मात्र सरकारी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन अन्य फंड से परिवार को आर्थिक मदद मुहैया करा सकता था। उन्होंने प्रशासन को मामले में त्वरित कार्रवाई करने को कहा। कहा कि सरकार की तरफ से एक सप्ताह में पीड़ित परिवार को नौ लाख रुपये की धनराशि मुहैया करा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सहायता के सवाल पर हुईं चुप
उत्तरकाशी। डा. स्वराज विद्वान ने राजनीतिक दलों, समाजसेवी संस्थाओं की ओर से परिवार की मदद नहीं करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया में वाहवाही लूटने में लगे रहे। किसी ने भी मानवता के तहत परिवार को आर्थिक सहयोग नहीं किया। हालांकि स्वयं उनकी ओर से पीड़ित परिवार की सहायता के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें