फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशगवार मौसम में फिर लौटी यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में रौनक

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरकाशी/बड़कोट। मानसून सीजन निपटने के बाद चारधाम यात्रा एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। आजकल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं, जिससे यात्रा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। हालांकि यमुनोत्री धाम में आपदा के बाद हालात जस के तस बने होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बीते जून में मानसून की बरसात का सिलसिला शुरू होने के साथ ही चारधाम यात्रा धीमी पड़ गई थी। बरसात में जगह-जगह भूस्खलन से यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने के कारण टूर ऑपरेटर्स ने तीर्थयात्रियों को इस ओर लाना बंद कर दिया था। यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बने ओजरी डबरकोट में भी भूस्खलन का सिलसिला कम हो गया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार आजकल रोजाना करीब डेढ़ हजार तीर्थयात्री यमुनोत्री और दो हजार से अधिक गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं।
यमुनोत्री धाम की यात्रा कर लौटे अजमेर राजस्थान के सुरेश प्रभू, महाराष्ट्र के मोहन भाई आदि का कहना है कि आजकल यहां का मौसम बेहद खुशगवार है। यात्रा मार्ग भी ठीक हैं, लेकिन यमुनोत्री धाम में सुरक्षित स्नान की व्यवस्था नहीं होने से दिक्कत हो रही है। लोनिवि के जेई रविंद्र चौहान ने बताया कि राम मंदिर के पास क्षतिग्रस्त जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल रास्ता दो दिन के भीतर तैयार हो जाएगा। यमुनोत्री में पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही इसका कार्य शुरू कराया जाएगा। इधर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने बताया कि सितंबर अंतिम सप्ताह में तो जिला मुख्यालय और आसपास के यात्रा पड़ावों के अधिकांश होटल एडवांस में बुक हो चुके हैं।
विज्ञापन



बदरीनाथ में पहुंचने लगे पैकेज टूर के तीर्थयात्री
गोपेश्वर। बरसात निपटने के बाद अब चारधाम यात्रा फिर से पटरी पर लौटने लगी है। शनिवार को 2153 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। अभी तक 880311 तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इन दिनों धाम में पैकेज टूर के तीर्थयात्री धाम के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। धाम में नेपाल, गुजरात, अहमदाबाद, कलकत्ता, उड़ीसा के तीर्थयात्री पितर तर्पण के लिए पहुंच रहे हैं। कई तीर्थयात्री फूलों की घाटी के सैर-सपाटे के बाद बदरीनाथ धाम की यात्रा पर पहुंच रहे हैं। मौसम खुलने के बाद बदरीनाथ हाईवे की स्थिति भी काफी हद तक सुधर गई है। लामबगड़ और क्षेत्रपाल में हाईवे पर हो रहा भूस्खलन बारिश के थमने से फिलहाल रुक गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि क्षेत्रपाल और लामबगड़ में हाईवे से मलबा हटाया जा रहा है। दोनों डेंजर जोन पर जेसीबी और मैन पावर की तैनाती की गई है।

प्रशासन जरूरी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा
रुद्रप्रयाग। बारिश कम होते ही केदारनाथ में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। कपाट खुलने के बाद से 22 सितंबर तक छह लाख, 58 हजार, 856 श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। डीएम ने शेष यात्राकाल तक सड़क व पैदल मार्ग सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे बारिश से कई स्थानों पर संवेदनशील बना हुआ है। प्रशासन ने एनएच को भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर नियमित मशीनें तैनात करने को कहा है। साथ ही गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बह रहे बरसाती नालों पर पुलिस, एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवान तैनात करने को कहा है। साथ ही केदारनाथ में जीएमवीएन को उचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। टेंट संचालकों व तीर्थ पुरोहितों को भी अपने टेंट व भवनों में ठंड को देखते हुए यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था के लिए कहा गया है। साथ ही चिकित्सा व्यवस्था के लिए सभी पड़ावों व धाम में रोटेशन के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को समुचित उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें