उत्तरकाशी। जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री की पीरूल से बिजली उत्पादन की घोषणा को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत नाकुरी कुंसी के ग्रामीणों की ओर से 240 किलोवाट का प्लांट लगाया जाएगा। डीएम डा. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को इस प्रोजेक्ट की तमाम औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
हाल ही में चिन्यालीसौड़ के दौरे पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने चीड़ को वरदान बताते हुए पीरूल से तारपीन का तेल, तारकोल, डीजल बनाने के साथ ही इससे विद्युत उत्पादन की संभावनाओं की ओर इशारा किया था। अब नाकुरी कुंसी के ग्रामीणों ने पीरूल से विद्युत उत्पादन का प्रस्ताव तैयार किया है। बुधवार को ग्रामीणों के साथ बैठक कर डीएम ने इस प्रस्ताव की तमाम औपचारिकताएं पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता में है। पीरूल से विद्युत उत्पादन करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रोजेक्ट को उद्योग विभाग द्वारा संचालित सूक्ष्म एवं लघु उद्योग योजना में पंजीकृत कर योजना का पूर्ण लाभ दिया जाएगा।
डीएम ने कहा कि पीरूल से तैयार होने वाली बिजली, तारपीन का तेल, डीजल एवं तारकोल सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को समिति पंजीकृत कराने व पीरूल एवं उत्पाद स्टोरेज के लिए रिहायशी क्षेत्र से बाहर भूमि चिह्नित करने को कहा। उन्होंने इन कार्यों में संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम हेमंत वर्मा, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एसएस रावत, ऊर्जा निगम के ईई गौरव सकलानी, उरेडा के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार, लीड बैंक अधिकारी बीएस तोमर, वरिष्ठ कोषाधिकारी हिमानी स्नेही, आशुतोष मिश्रा, चंदन बिष्ट आदि मौजूद रहे।