पुरोला। रवाईं घाटी को अलग जिला बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर पांच दिन से अनशन पर बैठे जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश कुमार की तबियत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रशासन की ओर से मांगों के निस्तारण का आश्वासन मिलने पर अनशन एवं धरना आंदोलन स्थगित कर दिया गया। हालांकि उन्होंने जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
रवाईं घाटी को अलग जिला एवं पुरोला को जिला मुख्यालय बनाने सहित कृषि ऋण माफ करने, सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने व चिकित्सकों की तैनाती की मांग को लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनरतले विगत 31 जुलाई से बेमियादी धरना आंदोलन शुरू किया गया था, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश कुमार, गजेंद्र चौहान, एलम पंवार व धर्मलाल दौरियाल ने 14 सितंबर से अनशन शुरू कर दिया था। हालांकि तीन आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी के आश्वासन पर अगले ही दिन भूखहड़ताल समाप्त कर दी, जबकि पांच दिन से अनशन पर बैठे प्रकाश कुमार के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आने के कारण पुलिस ने मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस बीच डीएम ने आंदोलनकारियों से फोन पर वार्ता कर प्रशासन स्तर के मामलों का जल्द निस्तारण करने का भरोसा दिया, जिस पर आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। इस मौके पर राजेंद्र शर्मा, रेखा जोशी, मीना सेमवाल, भगत राम, जगदीश गुसाईं, दिनेश उनियाल, कैलाश रावत आदि मौजूद रहे।