बड़कोट (उत्तरकाशी)। मानसून सीजन में हर तरफ पानी होने के बावजूद जिले की जनता को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जिन स्थानों पर पेयजल संकट नहीं है, वहां भी लोगों को दूषित पानी की आपूर्ति से मुसीबत झेलनी पड़ रही है। लोगों को मीलों दूर स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय के जोशियाड़ा, ज्ञानसू सहित बड़कोट पालिका, पुरोला नगर क्षेत्र आदि स्थानों में लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है, जिससे लोग एक बाल्टी पानी के लिए भी भटक रहे हैं। बड़कोट पालिका के शैलेंद्र सिंह, मंजू देवी, संजय पंवार आदि लोगों ने कहा कि वार्ड नंबर 2, 4, 6 एवं 7 में पेयजल किल्लत बनी हुई है। शिकायत करने पर विभागीय अधिकारियों ने गर्मियों में जलस्रोत सूखने का बहाना बनाकर बरसात में समस्या दूर होने की बात कही थी, लेकिन अभी भी समस्या जस की तस बनी है।
उधर, पुरोला नगर क्षेत्र की पेयजल योजना का स्रोत क्षतिग्रस्त होने से खाबलीसेरा, नागराज मंदिर, दुर्गा मंदिर, विद्या मंदिर, श्रीकुल मंदिर, पुरोला गांव आदि वार्डों में गत दो दिन से पानी नहीं आ रहा है। वहीं जिला मुख्यालय से सटे जोशियाड़ा, ज्ञानसू आदि क्षेत्रों में भी पेयजल किल्लत बनी हुई है। क्षेत्र के लाल सिंह गुर्साइं, बिजेंद्र नौटियाल ने बताया कि अगर विभाग लोगों को स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं दे सकता, तो फिर हर महीने किस बात का बिल वसूला जा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, बड़कोट जलसंस्थान के जेई देवराज तोमर ने कहा कि अधिक बारिश होने के कारण जलस्रोत प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर दूषित पानी एवं पेयजल किल्लत की समस्या बन रही है।