उत्तरकाशी। डांग गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन व्यास पीठ से संत डा. दुर्गेश आचार्य ने श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान ने श्री कृष्ण का अवतार लेकर धरती वासियों को गो माता, नदियों, पहाड़ों एवं प्रकृति के महत्व समझाया।
यमुना नदी में जहर घोल रहे कालिया नाग का वध कर भगवान श्रीकृष्ण ने नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश दिया था, जबकि गोवर्द्धन पर्वत की छांव में ग्रामीणों को बचाकर उन्होंने हिमालय आदि पर्वतों का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त गांव की गोपियों को महत्व देकर उन्होंने नारी सशक्तिकरण का संदेश भी दिया। वहीं कंस का वध कर उन्होंने तानाशाही एवं क्रूर शासकों के खिलाफ जनता को आवाज उठाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हमारे वेद, पुराण आदि ग्रंथ सदा से ही गंगा, हिमालय व प्रकृति संरक्षण के साथ ही मानव उत्थान का संदेश देते रहे हैं। इस मौके पर जयेंद्र गुसाईं, शिवकुमार मिश्रा, चतर सिंह गुसाईं, किरन पंवार, मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे।