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बस एवं टैक्सियों की हड़ताल से चरमराई यातायात व्यवस्था

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उत्तरकाशी। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर टीजीएमओ और सभी टैक्सी यूनियनों की एक दिवसीय हड़ताल के चलते शुक्रवार को जिले में बस एवं टैक्सियों के पहिये थमे रहे, जिससे लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। टैक्सी एवं बस चालकों ने सरकार पर मनमाने नियम थोपने का आरोप लगाते हुए रोष जताया।
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वाहनों में स्पीड गवर्नर की बंदिश हटाने, पर्वतीय रूट पर किराया भाड़ा बढ़ाने, टोल टैक्स हटाने आदि मांगों को लेकर टीजीएमओ एवं टैक्सी यूनियनों ने शुक्रवार को हड़ताल कर वाहनों का संचालन ठप रखा। सड़कों पर बस एवं टैक्सी वाहन नहीं चलने से आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लिंक मोटर मार्गों पर लोग पैदल ही लंबी दूरी तय करने को मजबूर हुए, जबकि उत्तरकाशी से देहरादून, हरिद्वार, गंगोत्री, जानकीचट्टी आदि सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक जाने वाले लोगों को वाहन नहीं मिलने के कारण घर लौटना पड़ा।

हड़ताली चालकों ने यात्री वाहनों को रोका
उत्तरकाशी। हड़ताल में शामिल टैक्सी एवं बस चालकों ने कुछ जगह यात्री वाहनों को भी जबरन रोकने का प्रयास किया। इसके चलते विवाद की स्थिति बनी। बंगलूरू के तीर्थयात्रियों को गंगोत्री धाम की यात्रा पर ले जा रहे बस चालक नरेंद्र चौहान ने बताया कि धरासू बैंड और मातली के पास हड़ताली चालकों ने वाहन पर पत्थर मारकर बस रोकने का प्रयास किया। यात्रियों के गुहार लगाने पर भी उनके साथ बदसलूकी की गई। पुलिस के पहुंचने पर स्थिति संभली। भटवाड़ी रोड टैक्सी यूनियन के सचिव राजेश चौहान ने बताया कि हड़ताल राष्ट्रव्यापी थी और इस बारे में सभी वाहन चालकों को पहले ही सूचना दे दी गई थी। उन्होंने यात्री वाहनों को रोके जाने की बात से इंकार किया।
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