पुरोला। मोरी ब्लॉक के निर्माणाधीन खरसाड़ी-जेवाणू एवं कलासी-बिंगसारी मोटर मार्गों के मलबे से करीब एक दर्जन गांवों की कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। भारी बारिश के साथ बहकर आए मलबे से कृषि भूमि के साथ ही किसानों की ओर से लगाई गई धान की फसल भी नष्ट हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीएमजीएसवाई विभाग से पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
पीएमजीएसवाई के निर्माणाधीन कलासी-बिंगसारी एवं खरसाड़ी-जेवाणू मोटर मार्गों का मलबा ठेकेदार द्वारा सड़क किनारे डंप किया जा रहा है, जो ग्रामीणों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह कर चुका है। प्रमुख सुमन आर्य, प्रधान खरसाड़ी अनिल राणा, विजयपाल रावत, जगत चौहान आदि ने शीघ्र ही किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं किए जाने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, अधिशासी अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि मोटर मार्ग के मलबे के लिए डंपिंग जोन बनाए गए हैं। अगर ठेकेदारों ने इसका पालन नहीं किया है, तो किसानों की क्षति का मुआवजा ठेकेदारों के बिल से वसूला जाएगा।
बरसाती नाले में मलबा डंप करने पर रोष
बरसाती नाले में डंप किया गया भवन निर्माण का मलबा और शौचालय की गंदगी मोरी-नैटवाड़ मार्ग में फैलने पर व्यापारियों ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मोरी-नैटवाड़ मार्ग स्थित बाजार के बीच से बहने वाले बरसाती नाले में एक होटल कारोबारी द्वारा भवन निर्माण एवं शौचालय की गंदगी डाली जा रही है, जो बारिश के दौरान बहकर बाजार और सड़क को गंदा कर रही है। आक्रोशित व्यापारी मनदीप, अतोल सिंह, शंभू प्रसाद आदि ने पुलिस प्रशासन से होटल कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।