बड़कोट (उत्तरकाशी)। ओजरी डबरकोट स्लिप जोन में भारी मशक्कत कर एनएच के अधिकारियों ने मलबा साफ कर यमुनोत्री हाईवे खोल तो दिया, लेकिन पहाड़ी से बोल्डर गिरने के खतरे को देखते हुए यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यमुनोत्री धाम की ओर जा रहे यात्रियों को ओजरी से तिर्खली-कुंसाला होते हुए चार किमी पैदल दूरी तय कर जाना पड़ रहा है।
बता दें कि बीते बुधवार से ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में भूस्खलन का सिलसिला जारी रहने के कारण बीते छह दिन में यहां कुछ घंटे ही यातायात चल पाया। रविवार दोपहर को बिना बारिश के ही पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था। सोमवार को बारिश नहीं होने और बोल्डर नहीं गिरने पर एनएच के अधिकारियों ने मशीनों की मदद से मलबा साफ कर सुबह करीब दस बजे हाईवे खोल दिया। इस दौरान यमुनोत्री की ओर फंसे यात्री वाहनों को सुरक्षित बड़कोट की ओर से निकाला गया।
करीब तीन सौ मीटर लंबाई में पसरे ओजरी डबरकोट स्लिप जोन वाले हिस्से में रुक-रुक कर पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। यमुनोत्री की ओर जाने वाले तीर्थयात्री ओजरी में अपने वाहन छोड़कर तिर्खली, कुंसाला होते हुए करीब चार किमी पैदल दूरी तय कर दूसरी ओर से टैक्सी वाहनों से धाम की यात्रा पर जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने लगाया उपेक्षा का शिकार
हनुमानचट्टी में हुई बैठक में क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी तंत्र पर यमुनोत्री धाम और गीठ बजरी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में भूस्खलन से बीते साल भी एक माह तक यमुनोत्री धाम की यात्रा बाधित रही और इस बार भी ऐसा ही अंदेशा था। इसके बावजूद सरकार ने यहां वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए। उन्होंने ओजरी डबरकोट स्लिप जोन के स्थायी उपचार और वैकल्पिक सड़क शीघ्र दुरुस्त नहीं कराए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर अरविंद रावत, विजय सिंह, बचन सिंह आदि मौजूद रहे।
कोट:
ओजरी डबरकोट में लगातार पत्थर गिरने के कारण यहां फिलहाल वाहनों की आवाजाही रोकी गई है। खतरा टलने पर यातायात सुचारु की जाएगी। स्लाइड जोन के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
-धीरेंद्र गुप्ता, एई, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।