उत्तरकाशी/पुरोला। जिले के जंगलों की आग थमने को नहीं है। ईढ़ धनारी क्षेत्र में नमामि गंगे के तहत किया गया पौधरोपण दावानल की भेंट चढ़ गया। पुरोला ब्लाक के उपला धिवरा गांव में जंगल में लगी आग बुझाने की कोशिश में एक महिला झुलस गई। जंगलों की आग पर काबू पाने में वन विभाग के तमाम प्रयास पूरी तरह कामयाब नहीं होने पर अब बरसात का ही आसरा है।
मुखेम रेंज के चामकोट, दिलसौड़ क्षेत्र में लगी आग पर वन विभाग ने भारी मशक्कत के बाद काबू पाया, लेकिन अब भी बौंगा, भैलुड़ा क्षेत्र के जंगलों में आग सुलग रही है। बुधवार को वरुणावत के जंगल में भी आग भड़क गई। ईढ़ धनारी गांव निवासी सुंदर सिंह कुंड्रा ने बताया कि गांव के पास नमामि गंगे के तहत किया गया पौधरोपण दावानल की भेंट चढ़ गया। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से आग को बांज के जंगल और आबादी की ओर बढ़ने से रोका। उधर, टौंस वन प्रभाग के जंगल भी दावानल की चपेट में हैं। मंगलवार की रात उपला धिवरा गांव के जंगल में लगी आग को बुझाने के प्रयास में गांव की देवेश्वरी देवी झुलस गई। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य है। डीएफओ एके मिश्रा ने बताया कि इस फायर सीजन में अब तक टौंस वन प्रभाग में आग लगने की 28 घटनाओं में करीब 23 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए हैं। आग चीड़ वनों में ही लगी हुई है।
जगह-जगह जंगलों में लगी आग को काबू पाने में वन विभाग पूरी तरह कामयाब नहीं हो पा रहा है। गांवों के आसपास पहुंची आग को बुझाने में ग्रामीण भी पुरजोर मदद कर रहे हैं। अब दावानल पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए सिर्फ बरसात का ही आसरा नजर आ रहा है। जंगलों में लगी आग से उठती धुंध स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें पैदा कर रही है। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक डा. एसडी सकलानी ने बताया कि आग से उठने वाली धुंध और इसमें राख कणों की मौजूदगी दमा एवं हृदय रोगियों के लिए घातक है। इससे आंखों में इंफेक्शन और स्किन एलर्जी का भी खतरा है।
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दावानल पर नियंत्रण के लिए कसी कमर
उत्तरकाशी। दावानल से उत्पन्न हालात गंभीर होते देख डीएम डा.आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग में तैनात यात्रा मजिस्ट्रेट एवं पुलिस को सड़क किनारे भोजन बनाने वाले यात्रियों की निगरानी करने को कहा। वन विभाग को चीड़ वनों में लगी आग पर नजर रखने और इसके फैलाव को रोककर जल्द से जल्द इस पर नियंत्रण के निर्देश दिए। ग्राम प्रहरियों को जंगल में आग की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम में देने को कहा। उन्होंने बताया कि दावानल पर नियंत्रण के लिए आईटीबीपी, बीआरओ, सेना और निम का भी सहयोग लिया जाएगा। बैठक में एसपी ददनपाल, डीएफओ संदीप कुमार, उपनिदेशक श्रवण कुमार, एसडीएम देवेंद्र नेगी, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।