उत्तरकाशी। केदारताल ट्रैक पर फंसे सभी पर्यटकों को मंगलवार देर रात सुरक्षित गंगोत्री पहुंचा दिया गया। भुज खर्क के पास हिमस्खलन में दबे पोर्टर की तलाश के लिए आज बृहस्पतिवार को रेस्क्यू टीम गंगोत्री धाम से रवाना होगी। इधर, गोमुख तपोवन क्षेत्र से भी सभी पर्यटक सकुशल वापस लौट आए हैं। अब गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में सिर्फ केदारडोम और सतोपंथ हिमशिखर पर आरोहण के लिए गए अभियान दल के सदस्य ही मौजूद हैं।
बता दें कि गंगोत्री से केदार ताल ट्रैकिंग के दौरान भारी बर्फबारी के चलते इंडिया हाइक ग्रुप का 41 सदस्यीय पर्यटक दल भुज खर्क के पास फंस गया था। इस दल में शामिल एक पोर्टर नेपाल निवासी आकाश हिमस्खलन में दब गया था। मंगलवार शाम को गंगोत्री से गई रेस्क्यू टीम ने देर रात करीब साढ़े बारह बजे दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित गंगोत्री धाम पहुंचा दिया, जबकि हिमस्खलन में दबे पोर्टर का कुछ पता नहीं चल पाया। बुधवार को मौसम विभाग के अलर्ट के चलते उक्त पोर्टर की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया गया। दल के गाइड मुकेश पंवार ने बताया कि निम से साजो सामान एवं एक्सपर्ट की मदद मांगी गई है। बृहस्पतिवार को पोर्टर की तलाश के लिए रेस्क्यू टीम भुज खर्क की ओर रवाना होगी।
इधर, सोमवार को गोमुख तपोवन क्षेत्र में गए अधिकांश पर्यटक तो मंगलवार को लौट आए थे, लेकिन मौसम खराब होने पर 50 पर्यटकों को ऐहतियातन भोजवासा में ही रोका गया था। बुधवार को ये पर्यटक भी सुरक्षित गंगोत्री लौट आए हैं। अब गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में केदारडोम और सतोपंथ हिमशिखर के आरोहण के लिए गए 12 विदेशी पर्वतारोही और 63 पोर्टर, गाइड और कुक मौजूद हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप सिंह पंवार ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए फिलहाल उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है। हिमस्खलन में दबे पोर्टर की तलाश के लिए आज बृहस्पतिवार को रेस्क्यू टीम मौके पर जाएगी।