उत्तरकाशी। जनपद में साहसिक खेलों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से वरुणावत टॉप से पैराग्लाइडिंग कराई गई। उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के नेतृत्व में पहुंचे सात सदस्यीय दल ने क्षेत्र की रेकी कर संभावनाएं टटोलीं।
पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन वाटर स्पोर्ट्स के बाद अब एयरो स्पोर्ट्स की संभावनाएं तलाशने में जुट गया है। इसके तहत पैराग्लाइडिंग के विशेषज्ञों की ओर से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों की रेकी की जा रही है। बुधवार को दल ने वरुणावत टॉप से उड़ान भरते हुए जोशियाड़ा झील के पास लैडिंग की। इस दौरान चार टेस्ट फ्लाइट की गईं, जिनमें से प्रेम ठाकुर, दीपक नगोई एवं चंद्रमोहन ने जमीन पर लैडिंग की, जबकि मनोज ओली ने झील के बीचों बीच बनाए गए प्लेटफार्म में लैडिंग की।
एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह के अनुसार उत्तराखंड में यह पहला मौका है, जब पानी में बने प्लेटफार्म पर सफल लैडिंग की गई हो। हालांकि वरुणावत से फ्लाइट करना थोड़ा कठिन है। संकरी घाटी, लैडिंग स्पेस की कमी व बिजली के तारों के जाल के चलते अनुभवहीन व्यक्ति के लिए यहां उड़ान भरना मुश्किल होगा। इसके मुकाबले चिन्यालीसौड़ में पैराग्लाइडिंग के लिए काफी बेहतर संभावनाएं हैं। डीएम डा. आशीष चौहान ने कहा कि पर्यटकों को लुभाने के लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इस मौके पर प्रभारी अधिकारी अनुराग आर्य, एसडीएम देवेंद्र नेगी, सीओ मनोज ठाकुर, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, संतोष बिष्ट, शिवानी गुसाईं आदि मौजूद रहे।
खेल ढांचा हो तैयार
मात्र 13 वर्ष की उम्र में पैराग्लाइडिंग कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाली पौड़ी निवासी शिवानी गुसाईं ने खेल ढांचा तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी सहित अन्य पर्वतीय जनपदों में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन संगठनात्मक ढांचा न होने से अधिकांश प्रयास परवान नहीं चढ़ पाते। प्रशासन को साहसिक खेलों की विभिन्न जिला स्तरीय एसोसिएशन बनाने पर जोर देना चाहिए।