चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत 44 छात्र-छात्राएं वायरल की चपेट में हैं। बृहस्पतिवार को विद्यालय पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमार बच्चों का इलाज करना शुरू कर दिया है। डाक्टरों के मुताबिक सीलन और दुर्गंध भरे कमरे में रहने के कारण बच्चे बीमार हुए हैं।
वर्ष 2008 में खुला राजीव गांधी नवोदय विद्यालय शुरूआती समय से ही राजकीय इंटर कालेज के पांच कमरों में चल रहा है। यही पांच कमरे रात के समय बच्चों का हॉस्टल बन जाते हैं और सुबह बिस्तर लपेट कर इनमें कक्षाएं संचालित की जाती हैं। कमरों की छत पर बने शौचालय से सीवर का रिसाव हो रहा है, जिससे कमरों में भारी सीलन और दुर्गंध बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। बुधवार को पालिकाध्यक्ष शूरवीर रांगड़ ने विद्यालय का निरीक्षण किया, तो कई अव्यवस्थाएं सामने आई।
पालिकाध्यक्ष की पहल पर बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. जितेंद्र भंडारी के नेतृत्व में एक टीम विद्यालय पहुंची। यहां उन्होंने विद्यालय में पढ़ रहे 105 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, तो इनमें से 44 बच्चे वायरल से पीड़ित मिले। डा. भंडारी ने बताया कि सीलन एवं दुर्गंध भरे कमरे में रहने के कारण ही बच्चे बीमार हुए हैं। विद्यालय में कुल 49 छात्राएं और 56 छात्र अध्ययनरत हैं और इनके लिए महज दो ही सीट का शौचालय है। पालिकाध्यक्ष रांगड़ ने विद्यालय में शौचालय एवं सेफ्टी टैंक निर्माण के लिए दो लाख रुपये मुहैया कराने की घोषणा की।
कोट...
विद्यालय का भवन नहीं बनने से राइंका के पांच कमरों में विद्यालय संचालन में दिक्कत आ रही है। कुछ दिन पहले एक-दो छात्रों को खांसी की शिकायत थी। स्वास्थ्य जांच में इतने बच्चे बीमार पाए जाएंगे, इसका अंदाजा नहीं था। बच्चों की सेहत में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें छुट्टी पर घर भेज दिया जाएगा।
-संजय कुमार, प्रधानाचार्य राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चिन्यालीसौड़।