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पोखरी के बुजुर्गों ने प्रशासन से लगाई सड़क की गुहार

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उत्तरकाशी। ढाई साल पुराने हाईकोर्ट के आदेश और कई दिनों तक शांतिपूर्ण धरना आंदोलन के बावजूद सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर सोमवार से पोखरी गांव के बड़े बुजुर्ग भी आंदोलन में कूद पड़े।
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बुजुर्गों का कहना है कि हमारी तो उम्र पूरी हो चुकी है, यदि हमारे बलिदान से गांव की आने वाली पीढ़ियों तक सड़क के रास्ते विकास पहुंच जाए तो हम अपना जीवन धन्य समझेंगे। निम बैंड से पोखरी गांव तक सड़क की मांग पर कलक्ट्रेट में पोखरी के ग्रामीणों का धरना आंदोलन 13वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को गांव की सोना देवी राणा (95), कलमा देवी (93), सकल देई (91), बल्लू शाह (86), दर्शनी कैंतुरा (85), प्यारदेई (85) आदि बुजुर्ग ग्रामीण भी झुकी कमर के साथ लाठी टेककर धरना स्थल तक पहुंचे। धरना स्थल पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय के समीप होने के बाद भी हमारा गांव सड़क के अभाव में विकास में पिछड़ गया। अब सड़क स्वीकृत हो गई है, तो कुछ लोग चीड़ के पेड़ों के नाम पर पर्यावरण की दुहाई दे रहे हैं, जबकि सब जानते हैं कि चीड़ के पेड़ों ने बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण की गुहार लगाई।
भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, जिला पंचायत सदस्य सरिता राणा, पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के चंदन रावत आदि लोगों ने भी पोखरी के ग्रामीणों की मांग को न्यायोचित बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। धरना देने वालों में कैप्टन (सेनि) लक्ष्मण सिंह नेगी, सूबेदार मेजर (सेनि) शूरवीर नेगी, रघुवीर सिंह, रामदेई राणा, अबला देई, नत्थी सिंह, प्रेम सिंह आदि ने सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
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विरोध में डांग के ग्रामीण भी डटे रहे धरने पर
उत्तरकाशी। निम बैंड से पोखरी गांव के लिए सड़क बनाने का विरोध कर रहे डांग के ग्रामीण ग्रीन चिपको डांग सत्याग्रह आंदोलन के बैनरतले सोमवार को पांचवें दिन भी धरने पर डटे रहे। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि डांग के ग्रामीणों ने दूसरे रास्ते से श्रमदान कर सड़क तैयार की है। उसी सड़क को आगे पोखरी गांव तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने निम बैंड से सड़क बनाने के लिए पेड़ों को किसी सूरत में नहीं कटने देने का एलान किया। प्रदर्शनकारियों में डा. नागेंद्र जगूड़ी, अभिलेख जगूड़ी, देवेंद्र सिंह, चतर सिंह, रजनी नाथ, गजेंद्र नाथ, राजवीर राणा, अनीता गुसाईं शामिल रहे।
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