उत्तरकाशी। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सड़क निर्माण न होने से खिन्न पोखरी के ग्रामीणों ने अब भगवान की शरण ली है। शनिवार को कलक्ट्रेट में चौथे दिन धरना आंदोलन जारी रखते हुए ग्रामीणों ने भगवान काशी विश्वनाथ को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि दर-दर भटकने के बाद भी गांव तक महज आठ सौ मीटर सड़क न बन पाने पर अब उन्हें सिर्फ भगवान पर ही भरोसा रह गया है।
जिला मुख्यालय से महज तीन किमी दूर स्थित पोखरी गांव आजादी के दशकों बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। सालों तक मांग के बाद वर्ष 2004-05 में गांव के लिए सड़क स्वीकृत हुई। लोनिवि ने निम बैंड से गांव तक आठ सौ मीटर सड़क का एलाइनमेंट भी किया, लेकिन कुछ लोगों ने पर्यावरण का हवा बनाकर मामले को हाईकोर्ट तक पहुंचा दिया। वर्ष 2015 में वहां से भी पोखरी गांव के पक्ष में ही फैसला हुआ। इसके बावजूद जिला प्रशासन एवं कार्यदायी विभाग अभी तक सड़क का काम शुरू नहीं करा पाया है। सड़क के लिए ग्रामीण बीते चार दिन से कलक्ट्रेट में शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन सुनवाई को राजी नहीं।
शासन-प्रशासन के उपेक्षित रवैये से खिन्न पोखरी के ग्रामीण शनिवार को काशी विश्वनाथ के दर पर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान काशी विश्वनाथ को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिधियों को सतबुद्धि देने की कामना की। पोखरी निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख सुधा कैंतुरा, शूरवीर नेगी, रजनी देवी, धर्मा देवी, निर्मला देवी, उर्मिला, किशन राणा, शीशपाल सिंह, बलवीर सिंह का कहना है कि जब सरकार और शासन-प्रशासन उनकी नहीं सुन रहे हैं, तो उनके पास अब भगवान का ही आसरा बचा है।