पुरोला/उत्तरकाशी। ेजौनसार बावर एवं रवॉई जौनपुर की पौराणिक, धार्मिक और लोक संस्कृति कोे संरक्षित करने एवं क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए मोरी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का शुक्रवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ।
राजकीय इंटर कॉलेज मोरी में आयोजित तीन दिवसीय देवांशी खेल एवं सांस्कृतिक मेले का रंगारंग शुभारंभ स्थानीय लोगों ने रासो तांदी लोकनृत्य के साथ किया। मेले का उद्घाटन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को करना था, लेकिन खराब के कारण वह नहीं पहुंच पाए। इसके बाद आयोजकों ने परंपरागत लोकनृत्य के साथ मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान नगर पालिका मसूरी के अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल और मेला निदेशक नारायण सिंह राणा ने दीप प्रज्ज्वलित किया। मेले का संचालन वरिष्ठ पत्रकार बबीता एवं भाजपा नेता वचन पंवार ने किया।
नगर पालिकाध्यक्ष मसूरी मनमोहन सिंह मल ने कहा कि रवॉई जौनपुर एवं जौनसार बावर की संस्कृति और धार्मिक परंपराएं दूसरों से भिन्न हैं। आज के इस बदलते दौर में ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति को न केवल पर बचाए रखा है, बल्कि वे इसे लगातार संजोए हुए हैं। इससे भावी पीढ़ी भी इससे परिचित हो रही है। हम लोग अपनी संस्कृति को बचाने के लिए लगे हुए हैं, लेकिन इसको आगे बढ़ाना आने वाली पीढ़ी की भी जिम्मेदारी है। सरकार के साथ जिम्मेदार लोगों को अपने आसपास शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूल विकसित करने होंगे ताकि शिक्षा के नाम पर लोग मैदानी क्षेत्रों में न जाकर अपने ही गांव में रहकर शिक्षा ग्रहण कर सकें।
इस दौरान भाजपा नेता पूर्व प्रमुख शिव सिंह राणा ने मांग पत्र पढ़ा। आयोजकों की ओर से मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजने का निर्णय लिया गया। मेले में पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता, हेमा उनियाल, सुभाष राणा, मेला अध्यक्ष कृपाल सिंह, किशन लाल, दुर्गेश लाल, विजेंद्र सिह रावत और देवेंद्र सिंह राणा मौजूद थे।
आईटीबीपी जवानों ने दिखाए करतब
देवांशी मेले के पहले दिन मसूरी से आए आईटीबीपी के जवानों ने कराटे का डेमोन्स्ट्रेशन करने के साथ ही साहसिक करतब दिखाए जिसे मेले में आए ग्रामीणों ने बखूूबी पसंद किया।
बदलते परिवेश में आज भी बनाए हुए है पहचान
टौंस यमुना घाटी से लगे देहरादून जनपद के कालसी, चकराता, उत्तरकाशी के पुरोला, नौगांव, मोरी और टिहरी के जौनपुर ब्लॉक की भाषा बोली, खान-पान, रहन-सहन, वेशभूषा एक जैसी है। राज्य के इस जौनपुर रवॉई और जौनसार बावर की पौराणिक ऐतिहासिक संस्कृति है, जो आज के बदलते परिवेश में भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं। प्रदेश में नगदी फसल, कृषि, बागवानी एवं औषधीय पादप के लिए प्रसिद्ध इस क्षेत्र से पलायन का प्रतिशत शून्य है।
पूर्व मंत्री नारायण सिंह ने दिया आश्वासन
मोरी देवांशी मेले मे गुरिल्लाओं ने भी पूर्वोत्तर राज्यों की भांति सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। इस अवसर पर देवांशी मेला संयोजक पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा ने गुरिल्लाओं की मांग को जायज मानते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि इस संबंध में शीघ्र केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता की जाएगी। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष एलम सिंह, विक्रम सिंह, महावीर, चंद्र सिंह आदि मौजूद थे ।
कबड्डी में चकराता ने पुरोला को हराया
मोरी। देवांशी खेल व सांस्कृतिक मेल में खेले गए कबड्डी मुकाबले में चकराता ने पुरोला को मात दी। सीनियर बालक वर्ग में खेले गए इस उद्घाटन मैच में चकराता की टीम ने 33-5 से एकतरफ ा जीत दर्ज की। प्रतियोगिता के अन्य मुकाबले शनिवार को खेले जाएंगे।
बच्चों की प्रस्तुति पर नारायण सिंह भी झूम उठे
मोरी। तृतीय देवांशी मेले के पहले दिन स्कूली बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रवाईं घाटी की संस्कृति पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देवांशी पब्लिक स्कूल के कर वाले बाबू जौनसारी गीत लगा दे गाने पर दी गई प्रस्तुति पर तो मेले के संरक्षक नारायण सिंह राणा भी मंच पर बच्चों के साथ नाचने लगे। इससे पूर्व सरस्वती विद्या मंदिर मोरी की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत गाया गया। इसके बाद गुरुकुल स्कूल मोरी और स्वरांजलि स्कूल विकासनगर के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस बीच हास्य कलाकार राम सिंह राणा के गढ़वाली चुटकुलों ने जनता का खूब मनोरंजन किया।