उत्तरकाशी। पूर्व आईएएस अधिकारी डा. कमल टावरी की ओर से गंगा यमुना घाटी में ग्राम स्वराज का मॉडल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। डा. टावरी अपने अनुभवों व विषय विशेषज्ञों की मदद से इस कार्य को करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों की सहभागिता से जनपद के कुछ चयनित गांवों से कार्य का शुभारंभ किया।
योजना के प्राथमिक स्तर पर उन्होंने बौन गांव के ग्रामीणों से चर्चा करते हुए वन, राजस्व व भूमिधरी की आठ हजार नाली से ज्यादा की खाली भूमि के बारे में जानकारी जुटाई। सांसद आदर्श गांव की खामियों पर उन्होंने कहा कि यहां की कुछ कमियों को हम बिना सरकारी मदद के ही दूर कर सकते हैं। गांव की खाली जमीन पर फल, सब्जी व जड़ीबूटी नर्सरी, दुग्ध उत्पादन आदि कार्य किए जा सकते हैं। बंजर जमीन में अन्ना सेब, बादाम, अखरोट, आडू, नींबू, अमरूद, पपीता, अनार के बागवानी को विकसित करने पर युवाओं को रोजगार मिल सकता है। इस मौके पर वाईएस बिष्ट, विजय बहुखंडी, भटवाड़ी के पूर्व खंड विकास अधिकारी पूर्णानंद भट्ट मौजूद रहे।