ओम प्रकाश जोशी
उत्तरकाशी। गणेशपुर में करीब तीन दशक से बंद पड़ी फैक्ट्री को खुलवाने की फरियाद प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंच गई है। जहां से आवश्यक कार्रवाई के लिए उत्तराखंड और यूपी के मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। इसमें उत्तराखंड शासन की तरफ से क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कार्यालय को भी मामले में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि फैक्ट्री खुलने के बाद उन्हें रोजगार मिलेगा।
गणेशपुर के राम मोहन सिंह रावत ने बताया कि तीन दशक पहले उत्तर प्रदेश सरकार के समय गणेशपुर में लकड़ी का कारखाना था। जहां गणेशपुर, नाल्ड, गंगोरी, सिरोर, हीना, नेताला आदि गांव के करीब 300 लोग काम करते थे। कारखाने में फर्नीचर, चौखट आदि बनते थे, लेकिन बाद में फैक्ट्री बंद हो गई। इसके बाद कुछ समय तक जीएमवीएन ने वहां पर मिनरल वॉटर का कारखाना लगाया, लेकिन बाद में वह भी बंद कर दिया गया। रावत ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 26 अगस्त को प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था, जहां से मामले में कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से उत्तराखंड के साथ यूपी के मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा गया है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी टम्टा का कहना है कि शासन से उन्हें पत्र मिला है, जिसमें हम फैक्ट्री के बंद होनेे और रोजगार की संभावनाओं को लेकर शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।