उत्तरकाशी। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़क जरूरी होती है। सड़क नहीं तो वहां के विकास की कल्पना करनी भी मुश्किल है। कुछ यही हाल है चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के सुदूरवर्ती क्षेत्र जोगत तल्ला का। जहां आज भी ग्रामीणों को पांच किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। क्षेत्र में पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा की गुणवत्ता का भी अभाव है।
जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी दूर चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में पड़ने वाले जोगत तल्ला गांव आज भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। 1500 के करीब आबादी वाले गांव में 60 से अधिक बुजुर्ग भूतपूर्व सैनिक हैं, जो पैदल न चल पाने के कारण छह माह में एक बार चिन्यालीसौड़ ब्लॉक मुख्यालय पेंशन लेने जाते हैं। पूर्व प्रधान व भूतपूर्व सैनिक मोहन लाल, पूर्व सैनिक जगत सिंह कैंतुरा, अर्जुन सिंह कैंतुरा, प्रधान सीता देवी, पूर्व प्रधान जगत सिंह के अनुसार क्षेत्र में कोई बैंक नहीं है, जिससे लोगों को चिन्यालीसौड़ ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने में करीब 80 किमी की दूरी और 160 रुपये किराया देना पड़ता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सिंह कैंतुरा के अनुसार गांव में पेयजल किल्लत भी है। करीब 20 किमी दूर टिहरी जिले में पड़ने वाले किमखेत नामक जगह से डेढ़ इंच पाइप लाइन पर गांव के लिए पानी आता है, जो पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य सेवा के नाम पर करीब आठ-नौ किमी दूर दिचली में पीएचसी और पोखरी सौड़ में आयुर्वेदिक अस्पताल है, जहां व्यवस्थाएं महज फार्मेसिस्ट के भरोसे चल रही है। जूनियर स्कूल के लिए 10 साल से विद्यालय भवन स्वीकृत है, लेकिन आज तक भवन नहीं बन पाया है। प्राथमिक विद्यालय में 55 बच्चों में दो शिक्षक और जूनियर में 35 बच्चों पर एक शिक्षक है।
कोट-
जोगत तल्ला के लिए करीब पांच किमी सड़क स्वीकृत है। इस पर प्रारंभिक सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अभी फारेस्ट क्लीयरेंस होना बाकी है। अनुमति मिलते ही उस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-आरपी सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई