बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव बड़कोट में हेलीपैड का निर्माण कार्य बजट के अभाव में अधर में लटक गया है। हेलीपैड निर्माण हो जाता तो यात्रा सीजन पर यमुनोत्री आने-जाने वाले यात्रियों को भी इससे सुविधा होती।
पूर्व विजय बहुगुणा सरकार के समय यहां हेलीपैड के साथ एप्रोच रोड भी स्वीकृत हुई थी। एप्रोच रोड का कार्य लोनिवि को मिला, जबकि हेलीपैड का कार्य उड्डयन विभाग करवा रहा है। हेलीपैड के निर्माण के पहले चरण में यहां पर मशीनों से खुदान कर ग्राउंड बनाया जा रहा था। कंक्रीट के साथ आगे का कार्य होना था, लेकिन वर्तमान समय में बजट के अभाव में पूर्व में खोदी हुई मिट्टी दोबारा भरी जा रही है। हेलीपैड बनता है तो जहां एक तरफ यमुनोत्री आने-जाने वाले यात्रियों को भी हवाई सुविधा मिलती, वहीं स्थानीय लोगों के रोजगार के साधन बढ़ते। इधर, एडीबी के एई एस. परमार का कहना है कि बजट में कटौती के कारण यह किया जा रहा है। फिलहाल मिट्टी भरान कर चहारदीवार का निर्माण करवाया जाना है। पालिकाध्यक्ष अतोल रावत, भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह रावत ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री से बातचीत करने की बात कही, ताकी यहां पर स्वीकृत हेलीपैड का कार्य अधूरा न रहे।