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टीम धामी को 10 ग्राफिक्स में जानिए: उत्तराखंड के नए मंत्रियों में एक 10वीं पास तो एक पीएचडी, चार किसान भी

Wed, 23 Mar 2022 05:51 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

नए मंत्रियों में चार ने चुनावी हलफनामे में खुद को किसान बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्रियों ने राजनीति को ही अपना पेशा बताया है। सबसे युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वकालत को अपना पेशा बताया है। 
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पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के 12वें मुख्यमंत्री बने हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में नई सरकार का गठन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। धामी के साथ आठ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। नई कैबिनेट में धामी ने पांच पुराने चेहरों को बरकार रखा है तो तीन नए चेहरे भी शामिल किए हैं। 

नए मंत्रियों में चार ने चुनावी हलफनामे में खुद को किसान बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्रियों ने राजनीति को ही अपना पेशा बताया है। सबसे युवा मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वकालत को अपना पेशा बताया है। वहीं, तीन मंत्रियों ने खुद को बिजनेसमैन बताया है। खास बात ये कि दो मंत्रियों ने खुद को किसान और बिजनेसमैन दोनों बताया है। 

नई कैबिनेट में कौन कितना पढ़ा-लिखा है? किसके पास कितनी संपत्ति है? इन मंत्रियों ने अपने चुनावी हलफनामें में अपना पेशा क्या बताया? किसकी कितनी उम्र है? ग्राफिक्स  में जानिए धामी कैबिनेट के बारे में सबकुछ…
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धामी दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने वाले भाजपा के दूसरे नेता है। - फोटो : अमर उजाला
2001 में जब भगत सिंह कोश्यारी 122 दिन के लिए मुख्यमंत्री थे, तब धामी उनके विशेष कार्यधिकारी यानी ओएसडी थे। इसके बाद 2002 से 2008 तक धामी उत्तराखंड भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। 2012 में पहली बार और फिर 2017 में दूसरी बार धामी विधायक चुने गए। जुलाई 2021 में धामी को मुख्यमंत्री बनाया गया। तब उनकी उम्र 45 साल थी। धामी के नाम उत्तराखंड का सबसे कम उम्र का मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। 

सतपाल महाराज पिछली धामी सरकार में भी मंत्री थे। - फोटो : अमर उजाला
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल से जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के केसर सिंह को 11,430 वोट से हराया है। महाराज धामी कैबिनेट के सबसे अमीर मंत्री हैं। महाराज के पास कुल 87.34 करोड़ रुपये की संपत्ति हैं। 70 साल के महाराज कैबिनेट के सबसे बुजुर्ग मंत्री भी हैं। 

प्रेमचंद्र अग्रवाल पिछली विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष थे। - फोटो : अमर उजाला
प्रेम चंद्र अग्रवाल ऋषिकेश से जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के  जयेंद्र रमोला को  19,057 वोट से हराया है। अग्रवाल पिछली विधानसभा के विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। 

गणेश जोशी पिछली धामी सरकार में भी मंत्री थे। - फोटो : अमर उजाला
गणेश जोशी मसूरी सीट से जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस की गोदावरी थापली को  15,325 वोट से हराया है। जोशी धामी कैबिनेट में सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री हैं। उन्होंने सिर्फ दसवीं तक की पढ़ाई की है।  पिछली धामी सरकार में जोशी के पास सैनिक कल्याण, खादी और ग्रामीण उद्योग, एमएसएमई जैसे मंत्रालय थे। 

कैबिनेट के सबसे पढ़े लिखे मंत्री हैं धन सिंह रावत। - फोटो : अमर उजाला
धन सिंह रावत ने श्रीनगर सीट पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को हराया है। उन्होंने महज  587 वोट से जीत दर्ज की थी। धन सिंह रावत धामी कैबिनेट के सबसे पढ़े लिखे मंत्री हैं। उन्होंने पीएचडी की है। 

रेखा आर्य पिछली सरकार में भी मंत्री रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
रेखा आर्य सोमेश्वर सीट से  5,293 वोट से जीती हैं। आर्य पिछली सरकार में महिला कल्याण और बाल विकास मंत्री थीं। 

सुबोध उनियाल पिछली सरकार में भी मंत्री थे। - फोटो : अमर उजाला
सुबोध उनियाल नरेन्द्रनगर सीट से जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के ओम गोपाल को  1,798 वोट से हराया है। पिछली सरकार में उनियाल के पास कृषि मंत्रालय था। 

चंदन राम दास पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। - फोटो : अमर उजाला
चंदन राम दास बागेश्वर सीट से लगातार चौथी बार विधायक बने हैं। बीते चार दशक से राजनीति मेंं सक्रिय चंदन राम दास धामी सरकार का नया चेहरा हैं। करोड़पति होते हुए भी चंदन राम दास धामी कैबिनेट के सबसे गरीब मंत्री हैं। 
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पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे सौरभ बहुगुणा पहली बार मंत्री बने हैं। - फोटो : अमर उजाला
सौरभ बहुगुणा सितारगंज विधानसभा से लगातार दूसरी बार जीते हैं। उन्होंने कांग्रेस के नवतेज पाल सिंह को  10,938 वोट से हराया है। सौरभ के दादा हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश और पिता विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं। सौरभ की बुआ यानी हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा चेहरा हैं। रीता जोशी यूपी कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद योगी सरकार में मंत्री भी रहीं। अब वह प्रयागराज से भाजपा की सांसद हैं। 
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