बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्री तिल-तिल मर रहे हैं। शासन-प्रशासन के कोई भी लोग तीर्थयात्रियों को ढांढस देने के लिए नहीं पहुंचे हैं। इससे गुस्साए तीर्थयात्रियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि बाद में पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। मंदिर समिति की ओर से तीर्थयात्रियों को पूरी, छोले दिए जा रहे हैं। हैलीपैड पर आर्मी द्वारा मेडिकल कैंप लगाया गया है। अस्वस्थ, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं को हेलीकॉप्टर से जोशीमठ भेजा जा रहा है।
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एक दिन में 40 से 45 लोगों को ही निकाला जा रहा है। सेना के दो हेलीकॉप्टर रेस्क्यू कर रहे हैं। यहां तीर्थयात्रियों ने सुना कि 25 जून से फिर उत्तराखंड में बारिश हो सकती है, जिसे सुनते ही बच्चे और महिलाएं रोने लग गए। यात्रियों को शीघ्र नहीं निकाला गया, तो तीर्थयात्री आपा खो सकते हैं।