फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत चाहिए तो खुद चलकर आइए

Sat, 13 Jul 2013 12:55 PM IST
गढ़वाल/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
आपदा के बाद देश-विदेश से मदद के लिए हाथ बढ़े। प्रशासन ने राहत सामग्री के लिए स्कूल-कालेजों में गोदाम बनाए। ये गोदाम सामान से भरे हैं। कुछ सामग्री आपदा पीड़ितों तक पहुंची भी है, लेकिन यह सुगम स्थानों तक ही बंटी।
विज्ञापन


पढ़े, उत्तराखंड आपदा की खबरों की विशेष कवरेज

प्रशासन की तरह अधिकांश स्वयंसेवी संस्थाएं भी दूरस्थ इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने के बजाय उनको ही सुगम स्थानों पर बुला रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि राहत चाहिए तो हमारे शिविरों तक आइए।

गोदामों में जमा है राहत सामग्री
उत्तरकाशी की ही बानगी लीजिए। यहां मौसम सामान्य होते ही बाहरी इलाकों से राहत सामग्री से भरे ट्रक पहुंचने लगे थे। प्रशासन द्वारा बनाए गए गोदामों में 32 बड़े ट्रक और 72 छोटे ट्रकों में आई राहत सामग्री जमा की गई। इसमें से कुछ जिला मुख्यालय के आसपास तथा कुछ हेलीकॉप्टरों से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों तक भेजी गई, लेकिन अधिकांश अब भी इन गोदामों में जमा है।
विज्ञापन


स्वयंसेवी संस्थाएं भी 50 ट्रक से अधिक राहत सामग्री जिला मुख्यालय के आसपास बंटवा चुकी हैं। कई दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को भी यहीं बुलाकर राहत सामग्री दी गई। भटवाड़ी प्रखंड के द्वारी, पाही, गोरसाली, कुज्जन, सौरा, सारी, सालू, सालंग, बगोरी आदि कई गांवों में अभी तक राहत नहीं पहुंची है, उनसे उत्तरकाशी आकर सामग्री लेने को कहा जा रहा है।

पहुंचने का प्रयास किया जा रहा
हालांकि उत्तरकाशी के डीएम डा.पंकज पांडेय का कहना है कि जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में कई बार राहत सामग्री बंट चुकी है। दूरस्थ गांवों तक कम राहत सामग्री पहुंची है। वहां पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रशासन के समन्वय से राहत वितरण के लिए कहा गया है।
विज्ञापन


खबर पर राय देने के लिए यहां क्लिक करें
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें