उत्तराखंड में चमोली जिले में गोविंदघाट से करीब दो किलोमीटर दूर पांडुकेश्वर इस समय भुखमरी की कगार पर है। यहां करीब 100 यात्री फंसे हुए थे। इनमें से कुछ लोगों को निकाल लिया गया।
पर पिछले कुछ दिनों से इन यात्रियों को भोजन कराने के बाद अब यह गांव खुद भुखमरी की कगार पर है।
पाडुकेश्वर गांव के किशोर पंवार के मुताबिक अलकनंदा के किनारे बसे इस गांव में बाढ़ से खासी तबाही हुई। करीब 50 घर, दुकान, होटल आदि बह गए। इस गांव को पांडवों का गांव माना जाता है।
पहले एक बार यहां से शीतकालीन यात्रा शुरू करने की कोशिश भी हुई थी। पर इस बार की विपदा में यह गांव सरकार और प्रशासन की नजर से ओझल रहा गया है।
पांडुकेश्वर से करीब-करीब सभी यात्रियों को निकाल लिया गया है। पर गांव के लोग यहीं फंसे हैं। किशोर पंवार का बस यही कहना है कि रोज 100 यात्रियों को भोजन कराने में गांव का पूरा राशन खत्म हो गया है।
गांव को तुरंत रसद की जरूरत है। आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य का कहना है कि रविवार को प्राथमिकता से यह काम किया जाएगा।