एसबीएस कॉलेज स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र की ओर से मंगलवार को दो दिनी नेशनल कांफ्रेंस स्किल डेवलपमेंट एंड सेल्फ रिलाइंट इंडिया का शुभारंभ हुआ।
मुख्य वक्ता व अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओमपाल सिंह ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाना है तो कौशल विकास ही इसका माध्यम है। युवाओं को काम का हुनर सिखा कर ही आत्मनिर्भरता के मार्ग पर बढ़ाया जा सकता है। सरकार जिस तरह से कौशल विकास पर जोर दे रही है, इसके दूरगामी परिणाम आएंगे। कपड़ा, हस्तशिल्प व दस्तकारी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास की काफी संभावना है।
बीएसई आईपीएफ के प्रबंधक हरबिंदर सिंह सोखी ने कहा कि शेयर बाजार में ज्ञान के साथ ही निवेश करें। नीतिगत हस्तक्षेप के जरिये बेहतर रोजगार सृजन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। एमएसएमई इंस्टीट्यूट के सहायक निदेशक सुभाष चंद्र कांडपाल ने कहा कि सरकार छोटे, मध्यम व लघु उद्यमियों व उद्यम के विकास के लिए नए स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर रही है। उद्योग को प्रौद्योगिकी और कुशल जनशक्ति सहायता प्रदान करने के लिए वर्तमान में एमएसएमई मंत्रालय कार्य कर रहा है। मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए कार्य रही है।
कौशल केंद्र से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण का मौका मिल रहा है। सिडकुल के औद्योगिक विशेषज्ञ सनाइडर के एजीएम कुलदीप सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि स्टार्टअप नेटवर्क को स्थापित करने की आवश्यकता है। वहां विशिष्ट अतिथि अनुपम अवस्थी, मेयर रामपाल सिंह, प्राचार्य डॉ. केके पांडेय, कौशल केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार, डॉ. हरनाम सिंह, ग्राफिक एरा के प्रो. सचिन घई, डॉ सुमित कुमार, संजीव तोमर, राजीव विशनोई, अनूप सिंह, दीपक जैन, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ. हेमलता सैनी आदि थे।