फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
मृतक के सबसे भड़े भाई सोनू सिंह ने प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट को सौंपी तहरीर में बताया कि 13 अक्तूबर को नानकमत्ता में चल रही रामलीला में उसके चचेरे भाई कुलदीप सिंह उर्फ बंटी का दो लड़कों से विवाद हो गया था। तब छोटा भाई कुलदीप मौके पर मौजूद था। उसने विवाद को शांत करा कर दोनों पक्षों को अपने-अपने घर भिजवा दिया था। कुलदीप उर्फ बंटी को लग रहा था कि कुलदीप सिंह की ही शह पर उसके साथ विवाद किया गया था, तब से वह उनके घर से रंजिश रखता है। रंजिश के चलते ही शनिवार की रात उसने अपने भाई लखविंदर सिंह उर्फ लक्की, अपनी पत्नी रमनदीप कौर निवासीगण सिद्धा नवदिया और तीन दोस्तों हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी नागरा, कमल सिंह निवासीगण ग्राम नौगजा कोतवाली नानकमत्ता व कोमल सिंह निवासी विडौरा मझोला के साथ कुलदीप सिंह के घर पर पत्थरबाजी व फायरिंग करने के साथ भाई को गोली मारी।
परिजनों के धरना-प्रदर्शन की आशंका पर किए सख्त इंतजाम
नानकमत्ता। मामूली रंजिश पर शनिवार रात गोली मारकर हत्या करने के मामले में मृतक के परिजनों के धरना-प्रदर्शन की आशंका को लेकर कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत पीएससी के साथ ही खटीमा सितारगंज किच्छा से भी पुलिस फोर्स बुलाया था। बता दें कि हत्यारोपी कुलदीप सिंह उर्फ बंटी पर पहले से ही लड़की को भगाने का मामला नानकमत्ता कोतवाली में दर्ज था। अप्रैल 26 में पुलिस टीम आरोपी कुलदीप उर्फ बंटी को पकड़ने उसके घर गई थी कि अचानक उसकी दादी सुखदेव कौर पुलिस टीम को देखकर गिरकर बेहोश हो गई थीं। नानकमत्ता सीएचसी लाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट व धक्का मारने से गिरकर मौत का आरोप लगाते हुए कोतवाली गेट पर शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया था। इस कारण पुलिस इस बार आशंकित थी कि कहीं कोई धरना-प्रदर्शन तो नहीं हो जाएगा। पुलिस ने एहतियातन एक-एक कंपनी महिला एवं पुरुष पीएसी के साथ खटीमा सितारगंज, किच्छा कोतवाली से पुलिस फोर्स व फायर ब्रिगेड को बुला लिया था।