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पुलिस की पाठशाला में एसपी बने अध्यापक, छात्र-छात्राओं ने पूछे सवाल

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रुद्रपुर। नशा व्यक्तित्व, परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। इसके दुष्परिणामों को जानने के बावजूद लोग नशा करना नहीं छोड़ते। छात्र-छात्राओं को चाहिए कि वे नशे से दूर रहें। इसकी लत भविष्य में घातक साबित होती है।
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ये बातें एसपी एसपी मनोज कुमार कत्याल ने सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कोलंबस पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कही। उन्होंने ट्रैफिक के नियमों की भी जानकारी देते हुए कहा कि 18 साल से पहले किसी भी हाल में गेयर वाले वाहन न चलाएं। सड़क हादसे ज्यादातर खुद की लापरवाही से होते हैं। ओवर स्पीड खतरनाक है। इस मौके पर विद्यालय के चेयरमैन मनोज खेड़ा, प्रधानाचार्य मनोज कुमार, उप प्रधानाचार्य कावेश मित्तल, नरेश भारद्वाज, एसआई सतपाल सिंह, अरुणा आदि मौजूद थे।
इनसेट
ट्रैफिक आई एप से बनाएं वीडियो
रुद्रपुर। ट्रैफिक इंस्पेक्टर विजय विक्रम और सीपीयू प्रभारी राकेश बिष्ट ने कहा कि यदि कोई ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहा है तो ट्रैफिक आई एप के माध्यम से आप उसका वीडियो बनाकर और फोटो खींचकर वहां डाल सकते हैं। इसके बाद वाहन नंबर के आधार पर उस व्यक्ति का चालान हो जाएगा। संवाद
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नशे का सेवन करने वाले की करें शिकायत
रुद्रपुुर। एडीटीएफ इंस्पेक्टर कमाल हसन ने कहा कि अगर कहीं कोई नशा कर रहा है या बच्चों को नशा करने के लिए प्रेरित कर रहा है तो उनके मोबाइल नंबर 9837633858 पर सूचना दे सकते हैं। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता के बारे में भी समझाया।
अनहोनी की आशंका पर 112 में करे कॉल
रुद्रपुर। महिला हेल्पलाइन की इंस्पेक्टर मंजू पांडे ने कहा कि अगर उन्हें अनहोनी होने की आशंका लग रही है तो वे तुरंत 112 में कॉल करे। इससे पुलिस लोकेशन ट्रैस कर मौके पर पहुंचेगी। सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही उससे चैट करें।
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छात्र छात्राओं के सवाल, पुलिस के जवाब
फोन खोने पर क्या करें। - अंशिका
-साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराएं। इसके बाद साइबर सेल फोन की लोकेशन ट्रैश कर उसे ढूंढ लेगा या 112 पर सूचना दे सकते हैं।
लड़के-लड़की के विवाद में पुलिस लड़कों को ही दोषी क्यों मानती है। - हर्षित सोनी
- ऐसा बिल्कुल नही हैं, पुलिस किसी भी मामले की पहले जांच करती है, इसके बाद मामले में जो भी दोषी पाया जाता है उस पर कार्रवाई की जाती है।
विमेन हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन की तरह मेन हेल्पलाइन नंबर क्यों नहीं है- नाजिम खान
- सामान्य तौर पर सभी के लिए पुलिस हेल्पलाइन 112 नंबर जारी है।
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