जसपुर में प्लाईवुड फैक्टरी को सील करते तहसील कर्मी।
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जसपुर। विद्युत देय का बकाया 46 लाख रुपये जमा ना करने पर प्रभारी तहसीलदार ने बकाएदार की प्लाईवुड फैक्टरी सील कर दी जबकि बकाया आरा मशीन पर था। विधायक के हस्तक्षेप के बाद तहसीलदार ने प्लाईवुड की सील खोलकर आरा मशीन में ताले ठोक दिए।
पतरामपुर रोड पर रफीक अहमद की प्लाईवुड फैक्टरी लगी है। थोड़ी दूरी पर उनकी आरा मशीन लगी है, जो काफी समय से बंद है। आरा मशीन पर करीब 46 लाख रुपये का विद्युत देय बकाया है। बकाया अदा न करने पर रफीक अहमद की आरसी जारी हो गई थी। कई बार राजस्व कर्मचारी वसूली के लिए आए लेकिन रकम जमा नहीं हो सकी। बुधवार को प्रभारी तहसीलदार बीसी आर्य ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रफीक अहमद की प्लाईवुड फैक्टरी सील कर दी और दफ्तर में भी ताले लगा दिए। कार्रवाई के दौरान तमाशबीनों की भीड़ को पुलिस ने खदेड़ दिया। फैक्टरी स्वामी के पुत्र हाजी मुमताज ने विधायक आदेश चौहान को बताया कि तहसील प्रशासन ने प्लाईवुड फैक्टरी को गलत ढंग से सील किया है। बकाया प्लाईवुड पर न होकर आरा मशीन पर है। विधायक आदेश चौहान ने एसडीएम को स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम सुंदर सिंह ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों फर्म अलग-अलग है। प्लाईवुड फैक्टरी को
गलत सील किया गया है। एसडीएम सुंदर सिंह ने टीम को फैक्टरी की सील खोलने और आरा मशीन को सील करने के आदेश दिए। इस पर टीम ने प्लाईवुड फैक्टरी की सील खोलकर आरा मशीन में ताले लगा दिए। वहां प्रभारी तहसीलदार के अलावा संजय वर्मा, विंतेश सक्सेना, संजय सक्सेना, हेमराज,अंशुल, नरेश आदि शामिल रहे।