नगर पालिका परिसर में पालिका के खातों और भुगतान पर रोक हटाने, एडीएम को हटाने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर चल रहा बेमियादी आंदोलन अब उग्र रूप लेने लगा है। बुधवार को सितारगंज पालिका दफ्तर में एसडीएम, पालिका के ईओ, सहायक कोषाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी के बीच मांगों पर मंथन चलता रहा। इस बीच दो घंटे बीत जाने पर पालिकाध्यक्ष और उनके समर्थकों का सब्र टूटा तो उन्होंने बाहर मुख्य गेट पर ताले डाल दिए और धरने पर बैठ गए। छह घंटे के मंथन के बाद भी आंदोलनकारियों की मांगों पर अफसरों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। पालिकाध्यक्ष ने एसडीएम द्वारा दिखाई जा रहे आदेश को भी फाड़ दिया और बृहस्पतिवार को आत्मदाह की चेतावनी देते हुए आमरण अनशन पर बैठ गए।
हंगामे के चलते कोतवाल सलाहउद्दीन के नेतृत्व में पुलिस बल वहां तैनात था लेकि अफसरों को घेर लिए जाने की सूचना पर जिला मुख्यालय से कई थानों की पुलिस, पीएसी और दमकल वाहन को मौके पर भेजा गया। इस बीच एसडीएम अन्य अफसरों के साथ पालिका के पिछले गेट से पैदल ही बाहर जा चुकीं थीं। बाद में एसपी सिटी भी पहुंचे लेकिन तब तक मामला शांत हो चुका था। इधर, पालिका में वार्ता के दौरान मौजूद पूर्व विधायक नारायण पाल ने एसडीएम से मांगों के तत्काल निदान की मांग की। चेताया कि समस्या का हल न निकलने पर 19 दिसंबर से आमरण अनशन में शामिल होंगे।
मंगलवार को अनशनकारियों ने रुद्रपुर में कलेक्ट्रेट का घेराव कर धरना दिया था। डीएम रंजना राजगुरु के पालिकाध्यक्ष से मिलने और मामले को हल करने के आश्वासन पर अनशनकारियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना समाप्त कर दिया था। बुधवार को सुबह 11 बजे एसडीएम मुक्ता मिश्र, सीओ सुरजीत कुमार, सहायक कोषाधिकारी व पालिका ईओ सरिता राणा ने पालिका दफ्तर में अनशनकारियों की मांगों को लेकर मंथन किया। इसी बीच अनशनकारियों ने पालिका के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। छह घंटे तक चली वार्ता के बाद भी मामले में कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इस पर पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे भड़क गए और मामले का तत्काल समाधान न होने पर एसडीएम दफ्तर पर बृहस्पतिवार को आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी।
एसडीएम मुक्ता मिश्र ने उन्हें तीन अक्तूबर को जारी कलेक्ट्रेट का आदेश दिखाया तो उसमें भुगतान करने संबंधी स्पष्ट आदेश नहीं थे और पालिका द्वारा भुगतान करने पर उन भुगतानों को भी जांच के अधीन रखना लिखा है। यह पढ़कर पालिकाध्यक्ष ने उसे फाड़ दिया और आज ही मामले का निस्तारण करने की मांग पर अड़ गए। वहीं महिलाओं ने भी एसडीएम की गाड़ी को रोक लिया और अधूरे पीएम आवास व राजीव गांधी आवासों का निर्माण कराने की मांग की।
इस पर एसडीएम गाड़ी से उतरकर पालिका के पीछे के रास्ते सीओ सुरजीत कुमार के साथ अपने दफ्तर चली गईं। शाम करीब सवा पांच बजे पूर्व विधायक नारायण पाल ने मुख्य गेट का ताला खोला तब जाकर एसडीएम का चालक उनकी गाड़ी लेकर निकला। वहां वहां पर सभासद पंकज रावत, रवि रस्तोगी, राधेश्याम सागर, रहमत हुसैन, जिलानी अंसारी, राजू हरियाणवी, इस्तियाक अंसारी, अकरम बेग, सोनू माटा, पूरन चौहान, संतोष दूबे, सुधीर श्रीवास्तव, ताबिर मलिक, रेहान अंसारी, पंकज गहतोड़ी, राजीव गुप्ता आदि थे।
पालिका में हंगामा, बाहर पुलिस फोर्स तैनात
सितारगंज। पालिका में चल रहे अनशन को लेकर पालिका के भीतर सारा दिन हंगामा चलता रहा तो वहीं मुख्य गेट पर भारी पुलिस तैनात रहा। एसडीएम मुक्ता मिश्र, तहसीलदार परमेश्वरी लाल, ईओ सरिता राणा व कोषाधिकारी द्वारा छह घंटे तक वार्ता के बावजूद धरना खत्म न कराने और मामले का हल न निकलने पर समर्थन में आई महिलाएं भी आक्रोशित हो उठीं। उन्होंने एसडीएम व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम के अनशनकारियों को सही जवाब न देकर इस तरह पीछे के रास्ते निकल जाने से अधिक रोष फैल गया। संवाद
महिलाएं अपने बच्चों के साथ भूखी प्यासी अनशन स्थल पर डटी रहीं
सितारगंज। नगर पालिका चेयरमैन द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 27 दिन से धरना प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र की महिलाएं भी धरनास्थल पर पहुंचीं। महिलाओं में आक्रोश था कि प्रशासन द्वारा जांच के नाम पर उनके बनाए जा रहे राजीव गांधी, अटल व इंदिरा आवास के लिए आंवटित धनराशि को मुक्त न करने से उनके आवास आधे अधूरे बने हैं। जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
एसपी के पहुंचने से पहले मामला शांत
सितारगंज। नगर पालिका परिसर में एसडीएम, सीओ व अन्य अधिकारियों को घेर लेने की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस व पीएसी के अलावा नानकमत्ता, पुलभटटा, किच्छा थानों से पुलिस फोर्स पहुंच गई। दमकल वाहन को भी परिसर के पास तैनात कर दिया गया। जिला मुख्यालय से एसपी सिटी देवेन्द्र पींचा भी परिसर पहुंचे। परंतु उनके वहां पहुंचने से पहले ही मामला शांत हो गया और पालिका के प्रतिनिधि आमरण अनशन पर बैठ गए। संवाद
यह है चेयरमैन का आरोप
चेयरमैन हरीश दुबे का आरोप है घोटालों के कथित आरोपों की पहले भी तीन बार जांच हो चुकी है, लेकिन एडीएम अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। इसी के चलते पालिका के खातों, विकास कार्यों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। इससे गरीबों के आवास निर्माण, नाली, सड़कों और खड़ंजे आदि के काम अधूरे पड़े हैं। विकास कार्य ठप पड़ा है।
सितारगंज नगर पालिका परिसर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन करते पालिकाध्यक्ष व समर्थक।- फोटो : SITARGANJ