जसपुर। डीआईजी के जन संवाद कार्यक्रम में पुलिस पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पुलिस अब हरकत में आई है। बीट अधिकारी से लेकर चौकी इंचार्ज तक के पुलिस कर्मियों के कार्यशैली की जांच कराई जाएगी। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि आरोपों के सही पाए जाने पर एसएसपी को कार्रवाई के लिए गोपनीय रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बता दें कि शनिवार को सुभाष चौक के पास एक बैंक्वेट हॉल में डीआईजी जगतराम जोशी का जन संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विधायक समेत छह से अधिक जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाए थे। विधायक आदेश चौहान ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि नगर में सट्टेबाजी, नशाखोरी बढ़ी है।
सट्टा खिलाने वालों व नशा कराने वालों से पुलिस को प्रतिमाह 3.5 लाख रुपये देने का आरोप लगाया था। अन्य लोगों ने पुलिस पर अपराधियों से हमसाज होने के आरोप लगाए थे। डीआईजी जगतराम जोशी ने कोतवाल को आरोपों में लिप्त पुलिस कर्मियों की जांच कराने और जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए थे।
कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि चार्ज संभालने के बाद उन्होंने सट्टेबाजों को जेल भेजकर नगर में सट्टेबाजी को बंद किया है। नशे का सामान बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधायक और अन्य लोगों की ओर से पुलिस पर लगाए आरोपों की वह जांच करा रहे हैं। पुलिस कर्मियों की शह पर मोहल्ला नत्था सिंह, ग्राम कलियावाला, पतरामपुर में कच्ची शराब बेचने और नगर में सट्टेबाजों से पैसा लेकर सट्टा खिलाने के आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिस कर्मी की बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।