काशीपुर में रिचा प्रबंधन का पुतला फूंकते श्रमिक
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रिचा कंपनी की फरीदाबाद यूनिट में यूनियन नेताओं की पिटाई के विरोध में श्रमिक सड़क पर उतर आए। उन्होंने शहर में जुलूस निकाला और प्रबंधन का पुतला फूंककर गुस्से का इजहार किया। श्रमिकों ने प्रबंधन की ओर से जारी उत्पीड़न को रोकने में स्थानीय प्रशासन के नाकाम होने का आरोप लगाते हुए कड़े शब्दों में निंदा की।
रविवार को रिचा श्रमिक संगठन और इंकलाबी मजदूर केन्द्र के बैनर तले श्रमिकों ने एसडीएम कोर्ट से चीमा चौराहा सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए एमपी चौक तक जुलूस निकाला और नारेबाजी कर रिचा प्रबंधकों का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि यूनियन अध्यक्ष बलदेव सिंह का काशीपुर से फरीदाबाद यूनिट में तबादला कर दिया गया था। पत्नी का स्वास्थ खराब होने की वजह से वह छुट्टी लेकर घर आया था। लेकिन छुट्टी से लौटकर जब वह फैक्ट्री पहुंचा तो उसके लिए गेट नहीं खोला गया।
शनिवार को वह फैक्ट्री में प्रवेश नहीं देने पर फरीदाबाद के श्रम आयुक्त के पास गया था।वापस लौटते समय फैक्ट्री के बाउंसरों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। प्रबंधन तानाशाही पर उतर आया है। उन्होंने प्रबंधन पर मजदूरों का उत्पीडन करने, 27 जून के समझौता का पालन नहीं करने का आरोप मढ़ा।
पांच श्रमिकों को काम पर वापस लेने, श्रमिक नेता पर हमला करने के आरोपियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस मौके पर सुरेश शर्मा,खीमा नंद जोशी, दिलीप कुमार, मुकेश कुमार, शोभा देवी, शोभा बडोला, जितेंद्र चौरसिया सहित अनेक मौजूद रहे।