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इलाज नहीं करा पाए श्रमिक की मौत, हंगामा 

Wed, 30 May 2018 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बाजपुर।
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चीनी मिल के मृतक श्रमिक राजेंद्र की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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पैसों के अभाव में इलाज नहीं करा पाए चीनी मिल के सीजनल श्रमिक की मृत्यु हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों और कर्मचारियों ने श्रमिक को पांच माह से वेतन का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को मिल गेट पर शव रखकर मिल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम एनसी दुर्गापाल और एएसपी आयुष अग्रवाल ने मृतक के परिजनों को एक महीने का वेतन और नियमानुसार मृतक आश्रित को मिल में समायोजित करने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए। 
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मूल रूप से यूपी के मसवासी रामपुर और हाल निवासी शुगर मिल कॉलोनी का रहने वाला और यहां चीनी मिल के डायर हाउस में कुली के रूप में तैनात सीजनल श्रमिक राजेंद्र (50) दो महीने से बीमार चल रहा था। परिजनों के अनुसार राजेंद्र की किडनी फेल हो गई थी और आर्थिक तंगी के चलते वह इलाज नहीं करा पा रहा था। सोमवार देर रात करीब 2:30 उसकी मौत हो गई। मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे  आक्रोशित श्रमिक मिल गेट पर जुटे और वहां शव रखकर प्रदर्शन किया। 

पांच माह से नहीं मिला वेतन 
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन ने पांच महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया है। इस कारण तमाम दिक्कतों के साथ ही वे एलआईसी, पीएफ सहित अन्य मदों में पैसा जमा नहीं करा पा रहे हैं। इससे उन्हें क्लेम तक नहीं मिलेगा। श्रमिक नेता वासवानंद जोशी ने बताया कि रुका वेतन, एरियर सहित अन्य अलाउंस को जोड़कर प्रति श्रमिक का करीब तीन लाख रुपये बकाया बनता है, जिससे श्रमिक राजेंद्र इलाज करा सकता था। मृतक के चार बच्चे दो पुत्रियां शादीशुदा और एक पुत्री और एक पुत्र अविवाहित है।
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शुगर मिल के कई और श्रमिक, परिजन हैं बीमार 
बाजपुर। पांच महीने से वेतन, एरियर सहित अन्य अलाउंस का भुगतान नहीं मिलने से चीनी मिल के कर्मचारी बेहद आर्थिक तंगी में हैं। राजेंद्र की आर्थिक तंगी के चलते इलाज नहीं होने से जान चली गई। इसी तरह इसी मिल के कैंसर से पीड़ित श्रमिक कुलदीप सिंह, दिमागी बीमारी से पीड़ित श्रमिक हीरालाल, टीबी से ग्रस्त श्रमिक टीकाराम की पत्नी रूपवती, श्रमिक संतोष वाल्मीकि की पत्नी सुमन सहित कई और कर्मचारी और उनके परिजन विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हैं। यह सभी रुपये के अभाव में इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं। श्रमिक टीकाराम ने बताया कि रुपये के अभाव में उसने अपनी बीमार मां को गांव भेज दिया है। बताया कि वेतन की समस्या को कर्मचारी कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत और सांसद भगत सिंह कोश्यारी तक के समक्ष रख चुके हैं। देहरादून जाकर श्रमिकों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन भी दे चुका है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। 


दो दिन में कर्मियों को मिलेगा एक महीने का वेतन 
मृतक राजेंद्र के परिवार को 15 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी गई है। पिछले दिनों एडवांस के रूप में 15 हजार रुपये दिए गए थे। वेतन संबंधित मामले में मिल प्रधान प्रबंधक केके मिश्रा देहरादून गए हैं। दो दिन के भीतर कर्मचारियों को एक महीने का वेतन मिल जाएगा। 
- डॉ. राजीव अरोरा, मुख्य गन्ना अधिकारी, बाजपुर। 

बाजपुर चीनी मिल के मृतक श्रमिक राजेंद्र की मौत का मुझे दुख है। मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। प्रदेश भर की चीनी मिलों की समीक्षा बैठक सीएम रावत की अध्यक्षता में 31 मई को देहरादून में रखी गई है। इसमें चीनी मिलों और श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा कर बेहतर समाधान निकालेंगे। 
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- प्रकाश पंत वित्त, गन्ना मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
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