बाजपुर में रामपुर रोड एक निजी अस्पताल के सामने हंगामा करते लोग
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्एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। भड़के परिजनों ने अस्पताल के सामने हंगामा काटा। काफी जद्दोजहद के चलते दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। जिस पर परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के शव को घर ले गए।
आरोप है कि बाजपुर के गांव रैंटा निवासी एक युवती की शादी साल भर पहले यूपी के गांव शाहूवाला बिजनौर निवासी एक युवक के साथ हुई थी। सप्ताह भर पहले विवाहिता ने नगीना के एक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे धामपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को परिजनों ने महिला को बाजपुर में रामपुर रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बताते हैं कि हंगामे के दौरान उनकी डाक्टर से गहमा गहमी हो गई। कुछ लोगों ने समझाकर मामला शांत करा दिया।
बाजपुर क्षेत्र में एक पखबाड़े के भीतर इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। लेकिन शासन प्रशासन की ओर से प्राइवेट अस्पतालों पर कोई शिकंजा नही कसा जा रहा है। क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन के कई प्राइवेट अस्पताल चल रहे हैं।
बता दें कि 23 मार्च को बाजपुर स्थित सांई हास्पिटल में इलाज के दौरान गर्भवती सुनीता पत्नी ख्याली राम निवासी हल्द्वानी की मौत हो गई थी। इस मामले में एसएसपी सदानंद दाते के निर्देश पर बाजपुर पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर हास्टिल संचालक एके सिंह, डा. ज्ञान प्रकाश रस्तोगी, डा. नायाब तरमीन, डा. इकराम इलाही के खिलाफ धारा 313, 314, 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरु कर दी। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही हुई है। 10 अप्रैल को फिर एक अस्पताल में महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।