महिला की मौत से गुस्साए कुछ लोगों ने एक डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए क्लीनिक में बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ की। हंगामे के चलते डॉक्टर ने किसी तरह भागकर जान बचाई। हमलावरों ने क्लीनिक के स्टॉफ के साथ भी हाथापाई की। पुलिस को देख हमलावर भाग गए। डॉक्टर ने पुलिस को तहरीर दी है।
खड़कपुर देवीपुरा स्थित विंध्यावासिनी कॉलोनी निवासी अनिल की पत्नी निशा (24) को लीवर में सूजन की शिकायत थी। 30 जनवरी की शाम पति उसे लेकर डॉक्टर लाइन स्थित एक क्लीनिक पर पहुंचा। रोगी का परीक्षण करने के बाद डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताई। डॉक्टर ने दवाई देते हुए कहा कि उनके क्लीनिक में भर्ती की सुविधा नहीं है। अत: मरीज को कहीं ओर भर्ती कराना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अनिल अपनी पत्नी को लेकर उक्त डॉक्टर के द्रोणासागर के सामने स्थित नर्सिंग होम जा पहुंचा। डॉक्टर ने मरीज को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने का सुझाव दिया और निशा को एक इंजेक्शन लगा दिया। घर जाने के कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी, जिस पर तीन युवकों ने नर्सिंग होम में डॉक्टर से मिले। डॉक्टर की सलाह पर परिवार के लोग निशा को गिरीताल स्थित एक नर्सिंग होम ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि निशा की मौत से गुस्साए सात-आठ लोगों ने नर्सिंग होम पहुंचकर डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते तोड़फोड़ शुरू कर दी। हमलावरों ने डॉक्टर पर कुर्सी से वार करने का प्रयास किया, उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। इसी दौरान किसी ने फोन कर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देख हमलावर वहां से खिसक लिए। फिलहाल मामले की रिपोर्ट दर्ज न हुई थी।