डाकघर में पैसा जमा करने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के मामले में अदालत ने 156 (3) में आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पक्का कोट खालसा निवासी शुभम ठाकुर पुत्र मदन पाल ठाकुर ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सविता चमोली की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसकी मुलाकात 2015 में सैनिक कालोनी निवासी जानकी उप्रेती से हुई थी। उस समय जानकी ने स्वयं को डाकघर का प्रधान एजेंट बताया। डाकघर में इंवेस्ट करने पर अच्छा फायदा होने की बात कही। उसने विश्वास कर अपने और अपने भाई मनोज कुमार के पांच-पांच लाख रुपये उसके पास जमा किए।
बाद में उसने पांच लाख रुपये और जमा किए। जिसके ऐवज में जानकी ने दस-दस के स्टांप और एमआईएस नंबर की रसीद दी। जानकी ने 15 लाख रुपये का ब्याज 2 लाख 88 हजार 15 दिसंबर 2015 तक दिया। इस दौरान उसने उसके भाई से पांच लाख रुपये और लिए बाद में जब वह जनवरी माह में अपना ब्याज का पैसा लेने गया तो वह पैसा देने में टाल मटौल करती रही।
बाद में डाकघर में पता किया गया तो जानकी एजेेंट ही नहीं निकली। एमआईएस नंबर भी फर्जी निकला। जब वह आईटीआई थाने रिपोर्ट करने गया तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अपर मुख्य मजिस्ट्रेट सविता चमोली ने आईटीआई थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। ब्यूरो