रुद्रपुर। गेहूं खरीद नीति 2020-21 में प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल गेहूं खरीद की लिमिट का जिलेभर के किसानों ने विरोध किया है। किसानों की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने शासन को प्रति हेक्टेयर 50 क्विंटल गेहूं खरीद का रिमाइंडर भेजा है।
इस बार गेहूं खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों ने गेहूं खरीद नीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि जिले में गेहूं की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 50 से 55 क्विंटल है लेकिन सरकार किसानों से प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल गेहूं खरीदने जा रही है। ऐसे में शेष 20 से 25 क्विंटल गेहूं किसान नहीं बेच पाएंगे। तराई किसान संगठन ने बृहस्पतिवार को किसानों की इस समस्या से जिला प्रशासन को अवगत कराया था। अब जिले के अन्य किसानों ने भी इस समस्या को उठाया है। एडीएम जगदीश कांडपाल ने बताया कि किसानों ने गेहूं खरीद की मौजूदा लिमिट को कम बताया है। उनकी मांग पर शासन से किसानों का गेहूं प्रति हेक्टेयर 50 क्विंटल खरीदे जाने को लेकर अवगत कराया गया है।
गेहूं खरीद की लिमिट प्रति हेक्टेयर 50 क्विंटल करने के संबंध में प्रशासन से वार्ता हुई है। यह मांग शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है। यदि उत्पादकता के हिसाब से गेहूं नहीं खरीदा गया तो किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। - तजिंदर विर्क, अध्यक्ष, तराई किसान संगठन।
जिले में गेहूं की उत्पादकता दर करीब 50-55 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इससे कम मात्रा में गेहूं खरीदे जाने का सीधा अर्थ है कि किसानों को भारी नुकसान होगा। सरकार से उम्मीद है कि वह किसानों की मांग पूरी करेगी। - जगदीश सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ।
अवकाश के दिन खुला तराई विकास सहकारी संघ का केंद्र
रुद्रपुर। गुड फ्राइडे के अवकाश के चलते शुक्रवार को गेहूं खरीद बंद रही। लेकिन अवकाश की जानकारी न होने के कारण रुद्रपुर में तराई विकास सहकारी संघ का क्रय खुल गया। सुबह नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक केंद्र खुला रहा। बाद में एडीसीओ एमएल वर्मा को इसका पता चलने पर उन्होंने केंद्र बंद करने के निर्दश दिए। वर्मा ने बताया कि गेहूं खरीद नीति में राजकीय अवकाश के दिन खरीद बंद रखने के निर्देश हैं। संभवत: कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। इधर, रुद्रपुर गल्ला मंडी में पल्लेदार भी काम की तलाश में खरीद केंद्र और आढ़तों पर पहुंचे लेकिन दोपहर के समय अवकाश पता चलने पर वह लौट गए। (संवाद)
खटीमा। ब्लॉक में इस बार तीन आरएफसी सहित 50 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीदा जाएगा। जिला सहायक निबंधक ऊधमसिंह नगर ने इन क्रय केंद्रों के लिए खरीद संबंधी आवश्यक निर्देश दिए हैं। खाद्य विभाग का ई-खरीद पोर्टल ऑनलाइन कर दिया गया है। प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल की मात्रा ही ऑनलाइन खरीद की जा सकती है। पोर्टल में दैनिक खरीद लिमिट 500 क्विंटल है।
तहसीलदार यूसुफ अली ने बताया कि इस बार क्राफ्ट कटिंग की तिथियां निर्धारित हुई लेकिन अभी गेहूं की पैदावार की अनुमानित उपज क्राफ्ट कटिंग नहीं लिया गया है। आरके नरेंद्र गहतोड़ी ने बताया कि क्राफ्ट कटिंग होने तक गत वर्ष के अनुसार 25 से 30 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित होगा।
इधर, भाजपा नेता राजपाल सिंह ने बताया कि खाद्य मंत्री बंशीधर भगत को इस मामले से अवगत कराया जा चुका है। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए 12 क्विंटल के बजाय पैदावार 50 से 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निर्धारित होनी चाहिए। इधर, ब्लॉक प्रमुख रंजीत सिंह नामधारी ने गेहूं खरीद नीति का कड़ा विरोध किया।