क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए स्थापित नौ गेहूं खरीद केंद्र एक अप्रैल को ही लग गए हैं। सरकारी खरीद मूल्य से अनाज मंडी में अधिक भाव होने से सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं नहीं आ रहा है। इससे सभी खरीद केंद्र खाली पड़े हैं। जबकि अनाज मंडी गेहूं से पटी हुई है।
सरकार ने किसानों का गेहूं खरीदने के लिए गेहूं खरीद मूल्य 1625 निर्धारित किया है। विभिन्न संस्थाओं को गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। काशीपुर क्षेत्र में सहकारिता विभाग व खाद्य विभाग को गेहूं खरीद की जिम्मेदारी दी गई हैै। सहकारिता विभाग के शाहिद हुसैन ने बताया कि दक्षिणी, उत्तरी क्रय विक्रय सहकारी समितियों को गेहूं खरीद केंद्र खोलने का आदेश दिया गया है। इस पर जसपुर खुर्द, बांस खेड़ा, कनकपुर, ढकिया, लोहियापुल, नूरपुर, धनौरी, गुलजारपुर, कनकपुर, कुंडा में गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। खाद्य विभाग ने नवीन अनाज मंडी में गेहूं खरीद केंद्र खोला । नवीन अनाज मंडी में खाद्य विभाग ने गेहूं खरीद केंद्र खोला है।
इन केंद्रों में से अब तक एक मात्र लोहियापुल गेहूं खरीद केंद्र पर मात्र 22 क्विंटल 50 किलो गेहूं की खरीद हुई है। अन्य खरीद केंद्रों पर गेहूं नहीं आया है। सभी केंद्र खाली पड़े हैं। बारदानों का चट्टा लगा हुआ है। कर्मचारी बिना काम के हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। किसान की गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां अनाज मंडी को दौड़ रही हैं। किसान सरकारी खरीद केंद्र की ओर रुख ही नहीं कर रहे हैं।
एसएमओ अरुण रावत ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद मूल्य 1625 रुपए क्विंटल है। किसानों ने बताया कि अनाज मंडी में में जब गेहूं का भाव 1650 ले 1690 तक है। तब किसान क्यों सरकार को गेहूं देगा और भुगतान के लिए महीनों चक्कर काटेगा।
अपर जिला सहकारी अधिकारी केपी खरे ने बताया कि गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं नहीं आ रहा है। इसके बावजूद सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए बारदाना, वर्षा से बचाव को तिरपाल, किसानों को पानी पिलाने और भुगतान के लिए रुपए की व्यवस्था है। एक अधिकारी ने बताया कि कई सीड् प्लांट व फ्लोर मिलें किसानों के घरों से ही गेहूं खरीद कर सीधे अपने गोदामों में ले जा रही हैं। इससे मंडी को नुकसान हो रहा है।