पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रैली करने के बाद कांग्रेस सरकार से बगावत करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक विजय बहुगुणा समेत चार विधायकों ने सितारगंज के रामलीला मैदान में एकजुटता दिखाते हुए सभा की। विधायकों ने कहा कि हमने बगावत नहीं की बल्कि हमने प्रदेश को लुटने से बचाया है।
सोमवार शाम करीब छह बजे रामलीला मैदान में हिमालय पुत्र व पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन की 97वीं जयंती पर एकत्र हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनके समर्थित विधायकों ने स्व. बहुगुणा के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस दौरान आयोजित जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि उनके दो वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश भर में की गई विकास की घोषणाएं रोक दीं। हरीश दादागिरी की राजनीति कर रहे हैं। मैं सीएम था तो अवैध खनन पर रोक लगा रखी थी। लेकिन, रावत सरकार ने तो लूट ही मचा दी। रावत सरकार में खनन माफिया हावी थे।
प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के 15 दिन में राज्य की आय बढ़ गई। बहुगुणा ने कहा कि मेरा और आपका विश्वास का रिश्ता है। मैं आपका हकीम हूं, नब्ज टटोलकर दर्द समझ लेता हूं। यहां से परिवर्तन का तूफान चल निकला है। इस जिले के साथ ही प्रदेश भर के रूके विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए राज्यपाल से मिलेंगे। कहा कि मैं आपका मोबाइल फोन हूं, जिसे आपने चार्ज कर दिया है और सृदृढ़ सरकार व अच्छा नेतृत्व लाकर ही रहेंगे।
पूर्व कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार में रावत के नौ विधायक नहीं, वरन नौ गृह गिरे हैं। विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि रावत सरकार में लूट खसोट मची हुई थी। जसपुर विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल ने कहा कि सरकार का पतन नौ विधायक ने जनता की मोहर लगने पर किया है। सौरभ बहुगुणा ने कहा कि यहां जनता नहीं, मेरा परिवार बैठा है। नौ विधायक बागी नहीं हैं, उन्होंने तो प्रदेश को लुटने से बचाया है।
पार्टी कोई हो बहुगुणा परिवार सितारगंज के लोगों के साथ है। इस दौरान बहुगुणा समर्थकों ने पूर्व सीएम बहुगुणा, पूर्व कृषि मंत्री रावत, विधायक सिंघल, उनियाल व सौरभ का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया। वहां पर पूर्व मंडी चेयरमैन अमरजीत सिंह कटवाल, शक्तिफार्म नगर पंचायत चेयरमैन सुकांत ब्रह्म, खतीब अहमद, सुखदेव सिंह, नरेंद्र सिंह बमराह, जमीर अहमद अंसारी, ताहिर मलिक, संजय गोयल, मुकेश सनवाल, विजय बागला, ज्ञान सिंह, सूरज नारायण, मरगूब अहमद, मीना मजूमदार, अनिमा हालदार, जया जोशी, सुधीर मित्तल, डा. मो. असलम, संजय बाछाड़, निर्मल सिंह, विजय शंकर आदि थे।