गदरपुर में गणमान्य लोगों के साथ बैठक करते एसडीएम व सीओ।
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लगातार हो रही बारिश ढेला नदी के आसपास के लोगों के लिए चिंता का सबब बन गई है। बारिश से ढेला का जलस्तर बढ़ने पर कई कॉलोनियों में पानी घुसने से लोग परेशान हैं। सूचना पर सोमवार को प्रशासन की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में काशीपुर की ढेला नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में बाढ़ की आशंका रहती है। कई घरों में जलभराव होने से लोगों को जान का खतरा भी रहता है। इस क्षेत्र में कई कॉलोनिया बसी हैं जिसमें से कुछ कॉलोनिया अवैध भी हैं। जलस्तर बढ़ने से भू कटाव होने पर कॉलानियों के डूबने का खतरा भी रहता है। रविवार को जल स्तर बढ़ने पर यहां जलभराव की समस्या खड़ी हो गई थी। सोमवार को एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने सीओ एपी कोंडे, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, सहायक नगर आयुक्त आलोक उनियाल और सिचाई विभाग के अधिकारियों के साथ नदी तट पर बसी काली बस्ती और मधुवन नगर आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम को अल्ली खां और काली बस्ती में जलभराव मिला।
एसडीएम ने ढेला नदी में तेजी से हो रहे भू कटाव को देखकर तहसीलदार से इसे रोकने के संबंध में रिपोर्ट बनाने को कहा। लोगों ने बताया कि यहां भू कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दिवार नहीं बनी है। नगर एसडीएम ने सिचाई विभाग के सहायक अभियंता को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि बाड़ की संभावना को देखते हुए पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र में बारिश हुई है लेकिन यहां तुमड़िया डाम ने बाड़ पर नियंत्रण किया है। कोसी फीडर माइनर से आ रहे ढेला नदी के पानी को तुमड़िया डाम में भरा जा रहा है।
सभी बाड़ चौकियां अलर्ट होने से फिलहाल ढेला किनारे की बस्तियों को किसी तरह का खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग के एसडीओ दीपक शर्मा ने बताया कि अभी ढेला नदी का पानी खतरे के निशान से कम है। पानी खतरे से निशान से ऊपर बढ़ने पर बाड़ की समस्या होती है। इसके लिए सिचाई विभाग पूरी तरह से अलर्ट है।