सितारगंज इंडेन गैस एजेंसी पर तीन फीट तक भरे पानी के बीच से गुजरते एजेंसी कर्मी व सिलेंडर उपभोक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
बारिश थमने के दो दिन बाद बृहस्पतिवार को नदियों का जलस्तर घट गया। लेकिन, नदियों के पानी से भूमि कटाव अभी भी जारी है। जिसकी तहसील में न तो कोई रिपोर्ट बनाई गई है और न ही तहसीलदार को कटाव की जानकारी है। जबकि, नदियों के कृषि भूमि में कटाव करने से किसान परेशान हैं। इधर, पानी निकासी बंद होने से इंडेन गैस एजेंसी और गोदाम परिसर में जलभराव हो गया है। तीन-तीन फीट तक पानी भरा होने से एजेंसी कर्मियों और गैस लेने आने वाले उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हो रही है।
बृहस्पतिवार को सारा दिन धूप खिली रही। क्षेत्रवासियों ने आफत बनकर बरसने वाली बारिश से राहत तो महसूस की। लेकिन, नदियों से भूमि कटान जारी है। बृहस्पतिवार को भी कैलाश नदी से डोहरा पंजाबी कॉलोनी, रसोइयापुर गांव के अलावा बैगुल नदी से निर्मलनगर, पाड़ागांव, रुद्रपुर, प्रहलाद पल्सिया व बमनपुरी गांव में कृषि योग्य भूमि में कटाव जारी है।
तहसील प्रशासन को नदियों से हो रहे भूमि कटान की जानकारी तक नहीं है। जबकि, तहसील से क्षेत्र की बाढ़ कंट्रोल चौकियां संचालित हो रही हैं। अब तक कई एकड़ कृषि भूमि नदी में कटकर समा चुकी है। लेकिन, तहसील प्रशासन ने भूमि कटाव की रिपोर्ट बनाना तो दूर जानकारी लेना तक उचित नहीं समझा। इस संबंध में तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि सब कुछ ठीक है। क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और न ही कोई भूमि कटाव की सूचना है।
इधर, शहर में अभी भी कई जगहों पर जलभराव है। बिज्टी रोड पर एचजी इन्फ्रा कंपनी द्वारा सड़क का निर्माण कर सड़क किनारे सड़क से ऊंचे नाले बना दिए गए हैं। जिससे पानी निकासी बंद हो गई है और इंडेन गैस एजेंसी व गोदाम परिसर पानी से लबालब हो गया है। खेत भी पूरी तरह जलमग्न हैं। एजेंसी पर सिलेंडर लेने आने वाले उपभोक्ताओं को भारी फजीहत उठानी पड़ रही है। वहीं, एजेंसी में कामकाज भी ठप है।