काशीपुर। रेलवे कॉलोनी और स्टेशन परिसर से निकलकर नाले में बहने वाला पानी अब बर्बाद नहीं होगा। इस गंदे पानी को फिल्टर कर दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए रेलवे स्टेशन के समीप 15 एमएलडी क्षमता का वाटर फिल्टर एंड रीयूज प्लांट बनकर तैयार हो गया है।
प्लांट में रेलवे की आवासीय कॉलोनी के घरों, बाथरूम और किचन से निकलने वाले घरेलू पानी के साथ-साथ स्टेशन की ड्रेन से आने वाले पानी को एकत्र किया जाएगा। कई चरणों में फिल्टर होने के बाद यह पानी साफ होकर दोबारा इस्तेमाल लायक बन जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फिल्टर पानी को पीने में नहीं बल्कि अन्य कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इससे ट्रेनों के कोच की बाहरी धुलाई और सफाई में, प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर की धुलाई में, रेलवे गार्डन में लगे पेड़-पौधों की सिंचाई की जाएगी। इससे रोजाना बोरवेल और सप्लाई से उपयोग में लाए जा रहे हजारों लीटर ताजे पानी की बचत होगी।
कोट
प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और ट्रायल भी सफल रहा है। 15 एमएलडी पानी को रोजाना फिल्टर कर रीसाइकिल किया जाने लगा है। आने वाले दिनों में इसकी क्षमता और उपयोग को और बढ़ाया जाएगा। -अखिलेश कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर