खालसा सृजन दिवस (वैशाखी) पर्व यहां बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। सिख संगत ने शहर में खालसा चेतना मार्च निकाला, जो ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचकर संपन्न हो गया। इस दौरान वाहे गुरु, वाहे गुरु एवं बोले सो निहाल सतश्री अकाल के नारे से फिजाएं गूंज उठीं।
मंगलवार को सिख संगत सेवा सोसायटी की ओर से श्री गुरुद्वारा सिंह सभा से खालसा चेतना मार्च का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय समेत आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में सिख संगत ने भाग लिया। पंच प्यारों की अगुवाई में निकले मार्च में महिला श्रद्धालु गुरु महाराज की पालकी के आगे सफाई करती चल रही थी। कवि जी जत्थे ने गुरु की महिमा का बखान किया। वहीं, पंजाब से आए दोआबा मश्कबीन धुन बिखेरता चल रहा था। विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपनी प्रतिभा का हुनर दिखा रहे थे। मार्च का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। रुद्रपुर के रंजीत अखाड़े ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर संगत को आश्चर्यचकित कर दिया। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के प्रधान दलवीर सिंह बल, सचिव गुरप्रीत सिंह देओल, गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह, मंजीत सिंह ज्ञानी आदि थे।