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पक्के तटबंध के निर्माण की मांग मुखर

Mon, 18 Jul 2016 11:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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मुख्‍ार - फोटो : अमर उजाला
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बैगुल नदी का तटबंध टूटने से प्रभावित चार गांवों के ग्रामीण प्रशासन के विरोध में मुखर हो गए हैं। उन्होंने पक्के तटबंध की मांग को लेकर पुल पर जाम लगाया और दो घंटे तक धरना दिया। पूर्व सीएम के पुत्र सौरभ बहुगुणा के डीएम से वार्ता करने के बाद बोल्डर लगाने के आश्वासन पर ग्रामीण माने। उन्होंने कहा कि तटबंध को पक्का करने के बजाय कट्टे लगाकर बाढ़ सुरक्षा कार्य की इतिश्री की जा रही है।
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रविवार सुबह आठ बजे बरुआबाग, झाड़ी नौ नंबर, सात नंबर, आठ नंबर और बमनपुरी आदि गांव के सैकड़ों लोग बैगुल पुल पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य में लगी जेसीबी को रोक कर भाजपा नेता सौरभ बहुगुणा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ धरने पर बैठ गए। 

उन्होंने आरोप लगाया कि 72 घंटे की बारिश का अल्टीमेटम होने के बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं हुआ और शनिवार की दोपहर झाड़ी नौ नंबर के पास नदी के ओवर फ्लो होने से तटबंध टूट गया। जिससे गांव के 250 परिवार प्रभावित हुए हैं। हर साल इस गांव में नदी के पानी से तबाही मचती है। 
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लेकिन, तटबंध पर कोई भी पक्का निर्माण नहीं किया जाता है। सिंचाई विभाग की ओर से कट्टे लगाकर बाढ़ सुरक्षा कार्यों की इतिश्री की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि तटबंध को पक्का बनाया जाए।  भाजपा नेता सौरभ बहुगुणा ने डीएम डॉ. आशीष श्रीवास्तव से फोन पर बात कर जानकारी दी। उन्होंने तटबंध को मजबूत बनाने के लिए जियो ट्यूब के स्टर्ट बनाए जाएं। 

डीएम ने उन्हें जियो ट्यूब लगवाने और दो दिन के बाद बोल्डर के जाल से तटबंध का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। वहां शक्तिफार्म नगर पंचायत चेयरमैन सुकांत ब्रह्म, प्रधान भवतोष आचार्य, अजय जायसवाल, सुखदेव सिंह, उदय सिंह राणा आदि थे।


बैगुल नदी का जलस्तर घटा
पहाड़ों और मैदानी इलाके में भारी बारिश के कारण बीती शनिवार को बैगुल नदी का जलस्तर बढ़ गया था। जिससे नदी उफना गई थी और नदी का पानी बैगुल पुल के ऊपर और तटबंध के लेवल से बहने लगा था। झाड़ी नौ नंबर गांव में तटबंध टूटने से ढाई सौ परिवार प्रभावित हुए थे। जिन्हें प्रशासन और पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर पानी से बाहर निकाला था और बरुआबाग के प्राइमरी स्कूल में बने बाढ़ राहत शिविर में ठहराया था। 

इसके अलावा बरुआबाग के नौ परिवारों को पानी में डूबे घरों से निकालकर शिविर में शरण दिलाई थी। रविवार को बैगुल नदी का जलस्तर घटने के बाद बरुआबाग के नौ परिवार अपने घरों को लौट गए हैं। जबकि, झाड़ी नंबर नौ के 250 परिवारों को अभी भी शिविर में रखा गया है। एसडीएम अनिल शुक्ला ने बताया कि तटबंध निर्माण होने तक ये परिवार शिविर में रहेंगे। उसके बाद घरों को लौट जाएंगे। बताया कि तटबंध निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। 


बाढ़ से नुकसान के आंकलन में जुटी राजस्व टीम
एसडीएम अनिल शुक्ला ने बताया कि बैगुल और कैलाश नदी से प्रभावित परिवारों और किसानों के नुकसान का आंकलन दो दिन के भीतर किया जाएगा। इसके लिए नायब तहसीलदार एमएम बिष्ट के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जो सितारगंज, शक्तिफार्म और नानकमत्ता क्षेत्र में बाढग़्रस्त गांवों में हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट देगी। आंकलन के बाद क्षति की रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।


सिंचाई मुख्य अभियंता ने किया तटबंध का निरीक्षण
सितारगंज। रविवार को सिंचाई विभाग के कुमाऊं के मुख्य अभियंता डीसी सिंह ने बैगुल पुल, तटबंध और झाड़ी नंबर नौ में क्षतिग्रस्त तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तटबंधों को पक्का करने के लिए वायरक्रेट का निर्माण किया जाए। साथ ही नदी में जियो ट्यूब की ठोकरे लगाई जाएं। उन्होंने क्षेत्र में जहां-जहां नदियों से कटाव हो रहा है, उन स्थानों की तत्काल सूचना संकलित करने और मौका मुआयना कर बाढ़ सुरक्षा के कार्यों का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। साथ ही बैगुल नदी पर पक्के तटबंध के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के भी निर्देश दिए। वहां अधिशासी अभियंता संजय राज, एसडीओ अभय वर्मा, अपर सहायक अभियंता विजय पाल, रमेश चंद्र, जेई तरुण बिष्ट आदि थे।


जनप्रतिनिधियों ने जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल
कुमाऊं मंडल विकास निगम के अध्यक्ष किरन चंद्र मंडल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्याम प्रसाद विश्वास, भाजपा नेता सौरभ बहुगुणा, पूर्व विधायक नारायण पाल व बसपा प्रत्याशी नवतेज पाल सिंह ने झाड़ी गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने बरुआबाग के सरकारी स्कूल में बाढ़ राहत शिविर में ठहरे ग्रामीणों से मुलाकात की और एसडीएम अनिल शुक्ला से उनके खाने पीने की व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही झाड़ी गांव पहुंचकर क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण की जानकारी ली। ब्यूरो


पुलिस ने रात भर चलाया रेस्क्यू अभियान
क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने डीएम के साथ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के साथ ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। बैगुल पुल के धराशायी होने की आशंका पर पुलिस ने पुल से आवाजाही बंद करा दी थी। शनिवार रात को पुलिस क्षेत्राधिकारी लोकजीत सिंह पुलिस अफसरों और कर्मियों के साथ रेस्क्यू में लगे रहे। उन्होंने झाड़ी गांव में पानी में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सीओ सिंह ने बताया कि पुलिस रविवार को भी सारा दिन बाढ़ ग़्रस्त क्षेत्रों में गश्त रही। ब्यूरो


कैलाश नदी से कटाव शुरू
क्षेत्र में बारिश थमने के बाद नदियों का जलस्तर तो घट गया। लेकिन, कटाव नहीं रुका। कैलाश नदी के किनारे बसे कैलाशपुरी, थारुतिसौर, तुर्कातिसौर, चीकाघाट, रसोइयापुर, सलमती, कौंधारतन, कौंधाअसरफ, धानचौड़ा आदि गांवों में भूमि कटाव हो रहा है। जिससे किसानों की खेत में खड़ी धान की फसल कटकर नदी में समाती जा रही है। कैलाश नदी से सबसे अधिक क्षति रसोइयापुर गांव में हो रही है। जहां 57 एकड़ में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई।

रविवार को 21 एमएम वर्षा रिकार्ड
रविवार को क्षेत्र में 21 मिमी. वर्षा रिकार्ड की गई। सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता विजय पाल ने बताया कि 21 मिमी. बारिश हुई। बैगुल नदी का जलस्तर घटने के बाद एक हजार क्यूसेक और कैलाश नदी में नौ हजार क्यूसेक पानी रह गया है। बताया कि दोनों नदियां खतरे से बाहर हैं। 
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