रक्षाबंधन को लेकर बाजार भी गुलजार होने लगे हैं। इस बार बहनों को वीरा और लुंबा राखियां लुभा कर रही हैं। दुकानदारों ने बताया कि पंजाबी में भाई को वीरा कहते हैं, यही कारण है कि वीरा लिखी राखियां बहनों को अधिक पसंद आ रही हैं। वहीं लुंबा राखी भी खास तौर पर पसंद की जा रही है।
रक्षाबंधन के चलते बाजार में भीड़ बढ़ गई है, बहनें राखियां खरीदने के लिए दुकानों का रुख कर रही हैं। बच्चों को डोरेमॉन, पोकेमॉन, छोटा भीम आदि राखियां खूब पसंद आ रही है। वहीं झिलमिल लाइट जलने वाली इलेक्ट्रिक राखियां भी डिमांड में हैं। राखी विक्रेता अमित जल्होत्रा ने बताया कि बाजार में 10 रुपये से 600 रुपये तक की राखियां मौजूद है। पिछले साल की तुलना में इस बार राखियों की बिक्री अधिक है। बताया कि इस बार राखियां दिल्ली और कोलकाता से आ रही हैं।
मुख्य बाजार में राखी बेचने वाली नीति मुंजाल ने बताया की बच्चे म्यूजिकल राखियों को पसंद कर रहे हैं। इस कारण म्यूजिकल राखियों का स्टॉक खत्म हो गया। वीरा और लुंबा राखियों के अलावा 140 रुपये की गोल्डन ब्रेसलेट और 40 रुपये की कीमत की घुंघरू राखी की मांग भी जोराें पर है। वहीं सिल्वर और क्रिस्टल राखियों की कीमत 200 रुपये से लेकर 600 रुपये तक है।
सोशल मीडिया पर विरोध, बाजार में ‘ड्रेगन’ का कब्जा
सीमा पर भारतीय और चीनी सेना के बीच हुए विवाद के बाद चीनी उत्पादों का विरोध केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित है। बाजार में इसका कुछ असर नहीं दिख रहा है। चीनी राखियां लोगों को आकर्षित करने में सफल हो रही हैं। दुकानदारों के अनुसार ज्यादातर लोगों को चीनी राखियां पसंद आ रही हैं। उन्होंने बताया कि चीनी उत्पाद सस्ता और आकर्षक होता है। यही कारण है कि दीपावली में मिट्टी के दीयों की तुलना में चीनी लाइटें अधिक बिकती हैं।