राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के दौरान कलेक्शन मैन्युअल समेत संबंधित नियमों और प्रावधानों से विजिलेंस टीम को अवगत कराया। इन तथ्यों और दस्तावेज को जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि, दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार करने के बजाय तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया गया है। विजिलेंस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। - दीपशिखा अग्रवाल, एसपी विजिलेंस
संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार कलेक्शन मैन्युअल की धारा-127 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई कर रहे थे। प्रारंभिक स्तर पर विजिलेंस को इन वैधानिक प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं थी जिसके चलते दोनों कार्मिकों को ट्रैप किया गया। बाद में प्रशासन की ओर से संबंधित नियमों और कलेक्शन मैन्युअल के प्रावधानों से अवगत कराने पर विजिलेंस टीम संतुष्ट हुई और दोनों कार्मिकों को तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया। - तुषार सैनी, एसडीएम सितारगंज
डीएम ने की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की सिफारिश
कथित रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस की ओर ट्रैप किए गए संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के बाद तहसील परिसर का माहौल पूरी तरह बदल गया। दोनों कर्मचारियों के बाहर आते ही राजस्व कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। कई कर्मचारियों ने इसे अपनी नैतिक जीत बताते हुए एक-दूसरे को बधाई दी। इस घटनाक्रम के बाद कर्मचारी संयुक्त परिषद, संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ और अन्य संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने और विजिलेंस की कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की।
छावनी में तब्दील हुई तहसील, पुलिस बल रहा तैनात