इंदिरा आवास की दूसरी किस्त के लिए युवक से रिश्वत मांगते हुए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को विजिलेंस टीम ने उसके किराए के घर से रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम से छूटकर भागने के प्रयास में वीडीओ ने टीम पर पाटल से हमला भी किया। टीम ने बाराकोली वन चौकी में करीब चार घंटे वीडीओ को रखा। सीओ विजिलेंस सीएम तितियाल पूछताछ के बाद वीडीओ को अपने साथ हल्द्वानी ले गए। वीडीओ के आवास से टीम ने कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
राजनगर निवासी गोविंद मंडल ने बताया कि उसकी माता नमिता मंडल के नाम पिछले साल इंदिरा आवास आवंटित हुआ था। दिसंबर में ग्राम विकास अधिकारी प्रेमशंकर गंगवार ने मकान की चौहद्दी बनवाने के एवज में तीन हजार रुपये ऐंठ लिए। आवास के लिए धन स्वीकृत कराने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की। साढ़े 17 हजार की पहली किस्त मिलने पर वीडीओ गंगवार ने गोविंद से साढ़े सात हजार रुपये झटक लिए। मकान की बुनियाद निर्माण के बाद निरीक्षण के लिए मौके पर गए गंगवार ने 42 हजार रुपये की दूसरी किस्त के लिए गोविंद से पांच हजार रुपयों की और मांग की। देने में असमर्थता जाहिर करने पर वीडीओ ने किस्त जारी नहीं की। कई दिनों तक वीडीओ की खुशामद करने के बावजूद अपनी मांग पर अड़े रहने से गोविंद ने 24 अगस्त को एसपी विजिलेंस पंकज भट्ट से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई।
जांच में मामला सही पाए जाने पर बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे गोविंद के साथ इंस्पेक्टर उत्तम सिंह जिमिवाल के नेतृत्व में मोहन सिंह दुर्गापाल, अब्दुल माजिद, इसरार नवी ने यहां वीडीओ के किराए के आवास के आसपास डेरा डाल दिया। गोविंद के हाथों से रुपये लेते ही टीम ने वीडीओ को उसके कमरे में रंगे हाथों धर दबोचा। अपने को टीम के चंगुल से छुड़ाने के लिए गंगवार ने पाटल से हमला कर दिया। जिससे सिपाही माजिद मामूली जख्मी हो गया। इसके बाद टीम वीडीओ को घसीटते हुए वाहन में ठूंसकर बाराकोली वन चौकी ले आई। वहां करीब चार घंटे तक पूछताछ और कागजी कार्रवाई को अंजाम देने के बाद टीम वीडीओ को लेकर हल्द्वानी रवाना हो गई।