पंडित गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज में शनिवार को ब्लॉक स्तरीय शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में शिक्षाविदों ने नई शिक्षा नीति पर अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि मेयर ऊषा चौधरी ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। चंद्रावती तिवारी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कीर्ति पंत ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत में लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति पर आधारित शिक्षण पद्धति से आजादी दिलाएगी। महाविद्यालय में बीएड विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी सिंह ने नई शिक्षा नीति के स्वरूप को समझाया।
उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ऊधमसिंह नगर शाखा के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मिश्रा ने राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अंग्रेजी के माध्यम से शिक्षा को बढ़ाने का सुझाव दिया। जीबी पंत इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अजय शंकर कौशिक ने अशासकीय विद्यालयों में सरकार द्वारा राजकीय विद्यालयों की तरह आर्थिक मदों में सहायता देने को कहा।
शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि शैलेंद्र जोशी ने बताया कि सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति में दुर्गम क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में वर्चुअल कक्षा के माध्यम से शिक्षा को प्रसारित किया जाएगा। वहां अरविंद कुमार वर्मा, राजू गौतम, राजेंद्र कुमार, आशा पुरोहित आदि थे। ब्यूरो
वेबिनार में अनुभव और विचारों को किया साझा
केलाखेड़ा। जीआईसी में नई शिक्षा नीति पर शैक्षिक संगोष्ठी वेबिनार का आयोजन किया गया।
वेबिनार का शुभारंभ बीईओ हवलदार प्रसाद ने किया। एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत ने नई शिक्षा नीति में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया। देहरादून सीमेट के डॉ. मोहन बिष्ट ने वर्तमान शिक्षा नीति में त्रिभाषा फार्मूले के व्यावहारिक पक्ष, शिक्षक और शिक्षा के नए आयामों की जानकारी दी।
उप शिक्षा अधिकारी प्रेमा बिष्ट ने पुरानी और नई शिक्षा नीति के बारे में बताया। डॉ. प्रकाश रंजन ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा को लेकर अपने अनुभव बताए। प्राथमिक शिक्षा में हिंदी के साथ अंग्रेजी भाषा अनिवार्य करने की बात कही। संगोष्ठी में गांव बेरिया दौलत प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहन लाल शाह, इसी गांव की लिनिमा, कुलविंदर को कोविड 19 शिक्षा सारथी चुना गया। वेबिनार में प्रधानाचार्य आनंद पाल गंगवार, जिपं सदस्य गंगा देवी, एचएन पांडे, राम नारायण गुप्ता, डीआर बाराकोटी, जयपाल सिंह, रघुनाथ राम प्रजापति, एचसी बिनवाल, धीरज शर्मा, डॉ. विजय पांडेय, डॉ. नगेंद्र द्विवेदी, सुषमा मक्कड़ आदि थे। संवाद
नई शिक्षा नीति के मसौदे को सराहा
सितारगंज। सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित विचार गोष्ठी में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने नई शिक्षा नीति में शामिल किए गए कई मसौदे की सराहना की।
राबाइंका शक्तिफार्म की प्रधानाचार्य शशिकला सिंह, राइंका के प्रधानाचार्य ओमेंद्रपाल सोमवंशी, प्रवक्ता अशोक वर्मा, मनिंदर सिंह, पुनीत गोयल, गनपत सेंगर एवं धर्मेंद्र चौधरी आदि ने नई शिक्षा नीति पर विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने शिक्षा का समान अधिकार, समान पाठ्यक्रम, मातृभाषा में शिक्षण और माध्यमिक कक्षाओं में व्यवसायिक शिक्षण व्यवस्था की सराहना की। नई शिक्षा नीति में शामिल आगामी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास आदि पर चर्चा की।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख कमलजीत कौर ने प्राथमिक शिक्षा में भौतिक एवं मानवीय संसाधनों को बढ़ाने, नैतिक मूल्यों के संवर्धन के उपायों पर जोर देने की बात की। अध्यक्षता कर रहे बीईओ इंद्रजीत सिंह चौहान ने चर्चा में उठे प्रमुख बिंदुओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही। संचालन ललित मेहरा ने किया। वहां राइंका गुरुग्राम के प्रधानाध्यापक वीर बहादुर राम, सत्येंद्र कुमार, नितेश वर्मा, विकास पांडे, वैद्यनाथ सिंह, कमलजीत, सतीश सिंह, सतनाम सिंह, यूएस मनराल, उदय श्रीवास्तव, शिवशंकर शर्मा, परविंदर सिंह, तेजपाल प्रजापति, नयन सिंह राणा, हरभजन कौर आदि थे।